उज्जैन | गेहूं लोकवन 2040 रुपए बिका। स्टॉक वाले सक्रिय होकर कम आवक में ऊंचे भाव की खरीदारी कर मंडी के रेट बढ़ाने में लगे हैं। मालवराज पोषक 2046 रुपए बिका। इसमें 200 से 300 रुपए की आगे तेजी मानकर ही 2 से 3 व्यापारी जमकर खरीदी करने में लगे हैं। गेहूं स्टाॅक से मंडी लबालब हो गई है। आदर्श पट्टी में खेरची खाने वालों की गेहूं में ग्राहकी बढ़ गई है। व्यापारी भी मई माह की खरीदी अच्छी ही बताने लगे हैं। पूर्णा गेहूं ही ग्राहक अधिक खरीद रहे। आटा मिल वाले सस्ता गेहूं तलाश रहे। महंगे गेहूं का आटा 50 रुपए का घाटा दे रहा है। पॉवर बिल के लिए ही आटा घाटे में तैयार किया जा रहा है। मंडी का टैक्स भरे और 265 रुपए का फायदा उठा तो ऐसा खूब चला। हालांकि मंडी को टैक्स मिला। इधर, गेहूं के बिल 15 रुपए में बाहर और 18 रुपए में लोकल में बिकने की खबर है। सरकारी छाप चावल का काराेबार नागझिरी क्षेत्र में जमकर चल रहा है। उज्जैन मंडी में जांच, शिकायत ज्यादा होने से अब मेन सेंटर पर ही बिक रहा है।
डॉलर कंटेनर में 5700 रुपए बिका
डॉलर चना कंटेनर में 5700 रुपए हो गया। लाल चना सरकारी खरी में जाने से महंगा है। भारी मात्रा में सरकार ने चना खरीदकर रख लिया। मार्केट में इसकी मांग भी नहीं है। चना भी दूर दूर से बिकने आ रहा है। डॉलर में विदेशी खरीदी का पता दो-तीन दिन में लगेगा। डॉलर में लगाया धन आधा रह गया। डंक की बीमारी का खतरा तो चल ही रहा है। मालवा निमाड़ डॉलर चने से लबालब हो रहे हैं। आकर्षक भाव को भूले कमतर भाव पर भी खरीदार नहीं है। 4000-4500 रुपए में खरीदन वालों को लाभ के चांस बगैर मांग में दिखाई दे रहे हैं। करोड़ों रुपए लगाने वाले लंबे नुकसान में आ गए। सबसे ज्यादा तो 50-100, 200 बोरी के स्टॉक वाले परेशानी में आ गए। जब भी बेचो नुकसान उठाओ। डॉलर के जानकार वर्ग अब तेजी कब आएगी बता रहे। मंडी में डॉलर 5340 रुपए बिका।