अंकपात क्षेत्र में सांदीपनि आश्रम के सामने 109 कुंडात्मक शिव-शक्ति महायज्ञ शुक्रवार से शुरू हो गया। इसमें लक्ष्मी, शक्ति और संतान प्राप्ति के लिए विशेष कुंडों में आहुतियां डाली जाएंगी। 24 मई को इसकी पूर्णाहुति होगी। रोजाना शाम 4 से 7 बजे तक भागवत कथा पर प्रवचन भी हो रहे हैं।
इसके लिए बनाई गई विशाल यज्ञशाला और आयोजन में भागीदारी करने वालों के लिए लगाई गई छोलदारियों आदि से यह परिसर सिंहस्थ का अहसास कराता है। श्रीपंच रामानंदी दिगंबर अखाड़े से जुड़े महंत अमरदास त्यागी बापू केे सान्निध्य में हो रहे इस आयोजन ने इस क्षेत्र में धर्म की पताका फहरा दी है। गुरुवार को कलश यात्रा के साथ यहां ध्वजारोहण के साथ सात दिवसीय आयोजन की शुरुआत हो गई। अधिकमास के मौके पर हो रहे इस यज्ञ के लिए 109 हवन कुंड बनाए गए हैं। श्रीगणेश स्थापना के साथ शुक्रवार से यज्ञ की शुरुआत हो गई। शनिवार को अग्नि स्थापना व हवन शुरू होंगे। यह 24 मई को पूर्णाहुति तक चलेंगे। आचार्य गणेश प्रसाद द्विवेदी के अनुसार यह शिव-शक्ति यज्ञ है। प्रतिदिन रुद्र होमात्मक यज्ञ होंगे। 23 को शत चंडी पाठ के बाद दुर्गा सप्त शती हवन होगा। विश्व कल्याण की कामना से यह यज्ञ किया जा रहा है। 24 को पूर्णाहुति के बाद शाम 6 बजे त्रिवेणी संगम पर शिप्रा, नर्मदा व गंगा की महाआरती की जाएगी। इसके साथ आयोजन का समापन होगा। संत श्री अमरदास त्यागी बापू ने बताया यज्ञ में सीमा पर प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों की आत्मशांति के लिए उनके परिवारों को यज्ञ में विशेष प्रवेश का प्रबंध किया है। बापू का कहना है कि सीमा पर हमारी रक्षा का दायित्व सैनिक निभाते हैं। उनके परिवार यहां आकर यज्ञ में आहुतियां दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी तरह का शुल्क भी नहीं देना है।
कलियुग केवल हरि गुण गाहा
यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक साध्वी जयप्रिया दीदी के प्रवचन हो रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रवचनों में कहा कलयुग केवल हरि गुण गाहा... यानी कलियुग में भगवान के नाम स्मरण से हमें मोक्ष मिल सकता है। मीराबाई ने कोई जप-तप नहीं किया। वे प्रभु के भजन गाकर ही भवसागर पार कर गईं। इधर कथा स्थल के समीप 20 से 24 मई तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया जाएगा। जिले के प्रमुख डॉक्टर मरीजों का परीक्षण कर सलाह देंगे।
मंगलनाथ रोड पर 109 कुंडात्मक शिव-शक्ति यज्ञ शुरू, 24 को होगी पूर्णाहुति, रोज शाम 4 से 7 बजे तक कथा
नवगृह के नौ कुंड दिलाएंगे सफलता
यज्ञशाला में नौ विशेष यज्ञ कुंड बनाए गए हैं। आचार्य द्विवेदी के अनुसार इन कुंडों में विशेष आहुतियां डाली जाएंगी जो विशेष सिद्धि के लिए हैं। छह कोणीय कुंड में महालक्ष्मी प्राप्ति के लिए, चंद्राकार कुंड में शांति के लिए, योनी आकार के कुंड में संतान प्राप्ति के लिए, चतुष कोण व अष्ट दल कुंड में अलग-अलग शक्ति के लिए, पद्म कुंड में विशेष लक्ष्मी के लिए, वृत्ताकार कुंड में सर्व कल्याण के लिए व प्रधान कुंड में सर्वाद्ध सिद्धि के लिए आहुतियां डाली जाएंगी।