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बहनें सीख सकें, इसलिए दो भाई भी ले रहे कथक का प्रशिक्षण

3 वर्ष पहले
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नृत्य के लिए आमतौर पर लड़कियों में ज्यादा रुचि होती है लेकिन संभागीय बाल भवन में चल रही कथक नृत्य कार्यशाला में दो लड़के भी कथक नृत्य का प्रशिक्षण ले रहे हैं। खास बात यह है कि यह दोनों लड़के स्वयं इसलिए कथक सीख रहे हैं ताकि उनकी बहनें कथक सीख सके।

संभागीय बाल भवन में 1 मई से 6 जून तक कथक, संगीत (गायन), चित्रकला आैर कराते की प्रशिक्षण कार्यशाला चल रही है। इसमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के 5 से 16 वर्ष तक की उम्र के 550 विद्यार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। कथक का प्रशिक्षण देने वाली अंजना चौहान ने बताया कार्यशाला में 150 विद्यार्थी नियमित कथक की ट्रेनिंग ले रहे हैं। आदर्श नगर का 11 वर्षीय निहाल सिंह पंवार भी कथक सीख रहा है। निहाल ने बताया उसकी 20 वर्षीय बहन नीतू इस कार्यशाला में उम्र के बंधन के कारण भाग नहीं ले सकती। इसलिए वह कथक सीख रहा है ताकि सीखने के बाद बहन को कथक सिखा सके। वहीं आदर्श नगर निवासी सिद्धांत भी अपनी 14 वर्षीय बहन नंदनी के साथ कार्यशाला में भाग ले रहा है। सिद्धांत ने बताया बहन को सहयोग करने के लिए उसने भी कथक सीखने का मन बना लिया। दोनों नियमित अब इस कार्यशाला में साथ-साथ कथक सीखते हैं। बाल भवन की सहायक संचालक अंजली खड़गी ने बताया समापन पर 7 जून को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएगी।

सिद्धांत आैर नंदनी कुमावत व निहालसिंह।

मां को गाने का शौक, इसलिए सीख रही गायन

कार्यशाला में गायन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डॉ. सिंधु पानड़ीवाल के साथ वाद्य साधक जयंत कोरान्ने व विशाल शिंदे 72 बच्चों को देशभक्ति गीत, स्वागत गीत, बाल गीत, सरस्वती वंदना आैर भजन गाना सीखा रहे हैं। प्रशिक्षण लेने वालों में दमदमा की 8 साल की आर्या शर्मा भी शामिल है। आर्या ने बताया उसकी मम्मी आरती को गाना गाने का शौक है लेकिन वह कहीं सीख नहीं पाई। इसलिए मम्मी का शौक पूरा करने के लिए वह गायन सीख रही है।

नन्हे हाथ कागज पर भर रहे उत्साह के रंग

कार्यशाला में अनिल देवलासे द्वारा 75 बच्चों को चित्रकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें ऐसे छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो उत्साह के साथ ड्राइंग शीट पर चित्र उकेर रहे हैं। बसंत विहार निवासी 9 साल की श्रेया द्विवेदी ने बताया वह कागजों पर चित्र बनाती रहती है, इसलिए माता-पिता ने उसे यहां प्रशिक्षण के लिए भेजा। कुछ ही दिनों में वह ऐसे चित्र तैयार करने लगी है जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह 9 वर्ष की कलाकार ने बनाए हैं। वहीं रामी नगर निवासी 11 साल की खुशी जाधव भी कार्यशाला में आकर सीख रही है।

संभागीय बाल भवन में कथक नृत्य का प्रशिक्षण लेती बालिकाएं एवं किशोरियां।

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