भगवान गणेश आैर कार्तिकेय की विदेशों के संग्रहालय में रखी प्रतिमाओं के चित्र पहली बार कलाप्रेमियों को त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय में शुक्रवार को देखने को मिले। इसमें अमेरिका, सिंगापुर आैर जर्मनी सहित विदेशी संग्रहालयों में रखी प्राचीन प्रतिमाओं के चित्रों को भी पहली बार शामिल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रदर्शनी लगाई है। संग्रहालय अध्यक्ष आरसी लोमारे ने बताया 18 से 25 मई तक यह प्रदर्शनी रहेगी। शुभारंभ के बाद कलाप्रेमियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में इन प्रतिमाओं के चित्र
षडमुख कार्तिकेय - अमेरिका के शिकागो कला संग्रहालय में 12वीं शताब्दी की दुर्लभ प्रतिमा है। मयूर पर विराजित कार्तिकेय के छह मुख तीन अग्र भाग में आैर तीन पृष्ठ भाग में।
अष्टभुजी नृत्य गणेश - सिंगापुर के एशियन सिविलाइजेशन संग्रहालय में सन् 950 की यह अति प्राचीन मूर्ति है। जिसमें आठ भुजाओं वाले गणेश नृत्य की मुद्रा में हैं।
10 भुजी कार्तिकेय - इंग्लैंड के ब्रिटिश संग्रहालय में 13-14वीं शताब्दी की यह प्राचीन प्रतिमा है। जिसमें कार्तिकेय की दस भुजाएं हैं आैर वह मयूर पर विराजित हैं।
गणेश - अमेरिका के नॉटर्न साइमन संग्रहालय में 18वीं शताब्दी की यह प्रतिमा है। रजत धातु से तैयार प्रतिमा में भगवान ध्यान की मुद्रा में हैं।