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200 वर्ष पुराने सिलारखेड़ी तालाब का गहरीकरण और सफाई अभियान शुरू

3 वर्ष पहले
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उज्जैन | देवास रोड़ पर मताना स्थित सिलारखेड़ी तालाब का गहरीकरण एवं सफाई अभियान नमामि देवी नर्मदे प्रकल्प और जल उपभोक्ता संस्था सिलारखेड़ी के संयुक्त तत्वावधान में जनसहयोग से शुक्रवार से प्रारंभ हुआ। जल एवं पर्यावरण दूत अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी, नमामि देवी नर्मदे प्रकल्प के प्रदेश सहसंयोजक एवं संभाग प्रभारी केशरसिंह पटेल, जल समिति के अध्यक्ष इब्राहिम पटेल के द्वारा पूजन कर 500 हेक्टेयर में फैले तालाब का गहरीकरण हो जाने से जहां आसपास के 10 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा वहीं उक्त तालाब पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी। 200 वर्ष पुराने इस तालाब का उपयोग पहले सिंहस्थ महाकुंभ में उज्जैन की प्यास बुझाने में किया जाता था लेकिन 25 से 30 फीट गाद जम जाने के कारण अब इस तालाब में भंडारण की क्षमता कम हो गई।

केशरसिंह पटेल ने बताया कि सिलारखेड़ी तालाब में कई सालों से बारिश के कारण गाद, मिट्टी, काई आदि जमा हो चुकी है जिससे जल भरण क्षमता कम होती जा रही है। तालाबों और नदियों के आसपास बारिश होते ही पौधारोपण भी किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रदेश में जन सामान्य एवं बच्चों आदि में जल एवं जंगल के प्रति जनजागृति लाना भी है। उज्जैन संभाग में सामाजिक संगठनों को साथ जोड़कर यह अभियान चलाया जा रहा है जिससे भूमि की रिचार्जेबल क्षमता बढ़े एवं गिरते हुए जल स्तर को रोका जा सके। प्रदीप जोशी ने कहा इस प्रकार के बढ़े पारंपरिक जल स्त्रोतों का पता करेंगे एवं जिन जल स्त्रोतों के पानी भरण क्षमता कम होती जा रही है उस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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