पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • घड़ी की दुकान में लगी आग, उकलाना में दमकल है पर ड्राइवर नहीं, बरवाला से बुलानी पड़ी फायर ब्रिगेड

घड़ी की दुकान में लगी आग, उकलाना में दमकल है पर ड्राइवर नहीं, बरवाला से बुलानी पड़ी फायर ब्रिगेड

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रात सवा आठ बजे मुखराम कॉम्पलेक्स के सामने मार्केट में स्थित आरके वॉच सर्विस की दुकान में आग लग गई। जिस समय आग लगी थी उस समय दुकान बंद थी और उसका दुकानदार घर जा चुका था। वहीं, दुकान से धुआं निकलता हुआ देख आसपास के पड़ोसियों ने तुरंत दमकल गाड़ी भेजने के लिए सूचना भेज दी थी।

लेकिन बरवाला से दमकल गाड़ी 9 बजे के बाद करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। लेकिन दमकल गाड़ी पहुंचने से पहले पड़ोसी दुकानदारों इशु गोयल,राजू गैस वाला, शुभम चावला, मदनलाल, मोहन सोनी, राजेश गर्ग, सुनील सोनी आदि ने दुकान के शटर पर लगा ताला तोड़कर पानी की मदद से आग पर काबू पा लिया था। लोगों को आग बुझाने में करीबन आधा घंटा लग गया लेकिन तब तक दुकान में रखी घडिय़ां,पंखा, मोबाइल रिचार्ज का सामान जल चुका था। वहीं, आगजनी की घटना के बारे में सुनते ही पूर्व विधायक नरेश सेलवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने उकलाना में दमकल गाड़ी होने के बावजूद भी उसका प्रयोग न हो पाने पर रोष प्रकट किया। इसी दौरान एक दुकानदार मोहन लाल सोनी ने बताया कि उकलाना में दमकल गाड़ी तो खड़ी है परंतु वह डेढ़ वर्ष से बिना स्टॉफ के केवल सफेद हाथी बनकर रह गई है। क्योंकि उसे चलाने के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं है और अगर उकलाना में खड़ी दमकल गाड़ी आगजनी की इस घटना के बाद समय पर पहुंच जाती तो मुमकिन था कि काफी सामान को जलने से बचाया जा सकता था। गौरतलब रहे कि इस दमकल गाड़ी पर पहले कई वर्षों से अस्थाई कर्मचारी कार्यरत थे परंतु विगत 2 वर्ष पूर्व उन्हें हटा दिया गया था। इन हटाए हुए दमकल कर्मियों ने कई दिनों तक मार्केट कमेटी कार्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन नेताओं व अधिकारियों ने केवल झूठे आश्वासन दिये।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

1. नवंबर 2017 में एग्रो ऑयल मिल के टैंक में विस्फोट होने से इलाके में एक भयानक आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें 8 श्रमिकों की मौत हुई थी और 7 श्रमिक बुरी तरह से झुलस गए थे। लेकिन उस समय भी उकलाना में दमकल गाड़ी बिना स्टॉफ के कारण यू हीं खड़ी रही जबकि नरवाना,बरवाला,टोहाना व हिसार आदि जगहों से दमकल गाडिय़ां बुलाई गई। अगर स्थानीय क्षेत्र का दमकल वाहन पूरे स्टॉफ के साथ मौजूद हो तो संभव है कि आगजनी की घटना पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

2. 15 जनवरी 2018 को शॉट सर्किट के कारण एक कॉटन फैक्टरी में आग लग गई थी जिसमें 30 लाख रुपए की रूई जलकर राख हो गई थी और फैक्टरी की मशीनों को भी काफी नुकसान पहुंचा था। उकलाना में खड़ी दमकल गाड़ी कोई काम न आ सकी जबकि यह काम आ सकती तो यह लाखों का नुकसान कम हो सकता था।

3. गत वर्ष 2017 में एक झाडू फैक्टरी में भी शॉट सर्किट के कारण आग लग गई थी और उसमें भी लाखों का नुकसान हो गया था। लेकिन बिना दमकल गाड़ी के ही लोगों ने मशक्कत करके आग पर काबू पाया। परन्तु जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक लाखों का नुकसान हो गया था।

आगजनी की घटना के दौरान दुकान में रखे सामान का मुआयना करते पुलिसकर्मी।

खबरें और भी हैं...