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खनन पर रोक के बावजूद कहां से आ रही है बजरी

3 वर्ष पहले
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उनियारा. रोक के बावजूद कार्य काम में प्रयुक्त की जा रही बजरी के ढेर।

भास्कर न्यूज | उनियारा

अवैध बजरी खनन पर रोक होने के बावजूद के बाद भी प्रदिदिन कई दर्जन बजरी से भरकर टैक्टर-ट्रॉली कहां से आ रही है। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में मकान, दुकानें व सरकारी काम चलते समय निर्माण में आने वाली बजरी का ढेर प्रशासन व पुलिस देखने के बाद भी अनभिज्ञ बने हुए है। वहीं वन विभाग के कर्मचारी कभी कभार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां को पकड़कर वाही वाही लूटते हैं।

जानकारी के अनुसार बनेठा बनास नदी सहित कई दर्जन गांव में प्रभावशाली लोग अवैध बजरी खनन करवा रहे है। इस कारण से ढिकोलिया-उनियारा व ढिकोलिया-ककोड़, नगरफोर्ट मार्ग पर सुबह कई दर्जन ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपरों में बजरी ले जाते हुए देखा जा सकता है। वर्तमान में कस्बे में मुख्य सडक़ों पर मकान एवं दुकानों का निर्माण कार्य के अलावा सरकारी काम अधिकृत ठेकेदारों द्वारा करवाए जा रहे है, जिनमें काम में आने वाली बजरी कहां से आ रही है। अवैध बजरी खनन करने वाले रौजाना ही कस्बे में कई वार्ड में बजरी के ट्रैक्टर-ट्रोली में बजरी खाली करते हुए देखा जा सकता है। वन विभाग, पुलिस व प्रशासन की ओर से ठोस कार्यवाही नहीं करने की वजह से अवैध बजरी खनन करने वालों के हौसल्ले बुलंद हो रहे है। वैसे कई ट्रैक्टर चालक दबी आवाज से सांठगांठ करने की बात भी कहते है। जिससे उनकी बजरी का धंधा परवान में चढ़ा हुआ है। यहीं कारण है कि जानकारी होने के बाद भी कोर्ट की ओर से बजरी से रोक हटाने की इंतजारी कर रहे है। यदि अवैध बजरी खनन को नहीं रोका गया तो पानी का जलस्तर गहरा जाने से पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

जानकारी होने पर कार्रवाई की जाती है

अवैध बजरी के ट्रैक्टर-ट्रॉली आने की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते है एवं कार्रवाई करते है। यदि ऐसी बात है तो उसकी सूचना गुप्त देें एवं कार्रवाई की जाएगी। कैलाशचंद गुर्जर, एसडीएम, उनियारा

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