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उनियारा में समय के साथ कम हुई हाट बाजार की रौनक, सड़क जाम

3 वर्ष पहले
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कस्बे में भरने वाले हाट बाजार की रौनक कम होती जा रही है। पहले एक जगह पर एक सामान के व्यापारी बैठते थे लेकिन समय के साथ सुविधा नहीं मिलने से कोई भी व्यापारी जहां जगह मिलती है वहीं बैठ जाते है। हालात यह है कि सदर बाजार में सिर्फ दो-तीन ही कपड़े के व्यापारी आते हैं एवं अस्पताल के बाहर से मस्जिद की गली तक बाहर से आने वाले दुकानदार व व्यापारियों के आने से भीड़ दिखाई देती है। मगर हाट के दिन चारपहिए वाले वाहन आने जाने से दुकानदारों के साथ साथ पैदल चलने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जानकारी के अनुसार कस्बे में करीब 40 वर्षो से अधिक समय से प्रत्येक रविवार को हाट भरता हुआ आ रहा है। इसमें क्षेत्र के ग्रामीण लोग प्रत्येक रविवार को आवश्यक सामान खरीदने आने से बाजार में भीड़ रहती थी एवं इस हाट में सभी घरेलू एवं पालतू पशुओं के सामान मिल जाते थे। मगर अचानक ही हाट में रौनक कम होती गई। सदर बाजार जो हाट में ठसाठस दुकानदारों व व्यापारियों से भरा रहता था। वर्तमान में मात्र दो-तीन ही व्यापारी कपड़े बेचने आ रहे हैं। वहीं श्रीरघुनाथजी मंदिर के नीचे मसाले व झाडू़ बेचने वाले बैठ रहे हंै। उसके बाद अस्पताल के बाहर से मस्जिद की गली के थोड़ा आगे तक टोंक-सवाईमाधोपुर से आने वाले व्यापारी आकर दुकानें लगाने से इस क्षेत्र में भीड़ रहती है तथा सड़क संकरी होने के कारण इस मार्ग पर चारपहिया वाहन आने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पलाई रोड पर गुड़ बेचने वाले एवं बावड़ी के चौक में मिर्ची की दुकानें लग रही है। इससे ग्रामीण कस्बे के अंदर नहीं आकर बाहर से ही आवश्यक सामान खरीदकर चले जाते हैं। वहीं कटले के अंदर बैठने वाले जूती बेचने वाले दुकानदारों को सुविधा नहीं मिलने से भूमि विकास बैंक से बालिका विद्यालय तक कड़ी धूप में बैठ रहे हैं।

सुविधा के अभाव में बंद हो सकता है

अस्पताल के बाहर से मस्जिद की गली के आगे तक बैठने वाले समस्त दुकानदारों को नगर पालिका प्रशासन सदर बाजार में एक साथ बैठाने से हाट का सौंदर्यीकरण बढ़ेगा, वहीं बावड़ी के चौक में नैनवा मार्ग पर गुड़ बेचने वालों को मिर्ची बेचने वालों के साथ बैठाने से ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले नर नारी से भीड़ तो रहेगी एवं कस्बे में अन्य दुकानदारों को भी आय होगी। यदि पालिका प्रशासन ने हाट की सुध नहीं ली तो कस्बे में लगने वाला हाट लगना सुविधा के अभाव में बंद हो जाएगा।

नहीं निकल पाती एंबुलेंस

अस्पताल के बाहर दुकानदारों द्वारा सड़क के दोनों ओर तख्तों में सामान जमा लेने से गंभीर रोगी को ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस अस्पताल में जाने व आने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कभी कभी तो एंबुलेंस में गंभीर रोगी रहने से वह मौत से लड़ता रहता है। इस कारण इन दुकानदारों को सदर बाजार में बैठाने से अस्पताल के बाहर रास्ता साफ रहने से अस्पताल में आने जाने वाले वाहन व एंबुलेंस को भी परेशानी नहीं रहेगी।

पैदल चलना भी मुश्किल

हाट के दिन चारपहिए वाहन नहीं आने के लिए करीब आठ-नौ साल पहले पुलिस थाना में सीएलजी की आयोजित बैठक में प्रस्ताव लिया गया था कि सरदार सर्किल के पास बैरियर लगाकर सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक तक भारी वाहनों का प्रवेश नहीं करने दें। इसके लिए दो सिपाहियों की डयूटी प्रत्येक हाट में लगती थी। मगर पुलिसकर्मी के कमी के कारण ये अभियान सफल नहीं रहा। जिसके बाद से चार पहिए वाहन आने जाने से जाम लगना आम बात हो गई है। जिससे पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है।

पार्षदों से करेंगे विचार विमर्श

कस्बे में भरने वाले हाट में दुकानदारों, व्यापारियों के साथ आने वाले लोगों को परेशानी नहीं हो एवं रविवार को चारपहिया वाहनों पर रोक सहित हाट को सौंदर्यीकरण करने के लिए पालिका की आयोजित साधारण सभा की बैठक में पार्षदगणों से राय लेकर विचार विर्मश किया जाएगा। राकेश बड़ाया, अध्यक्ष, नगर पालिका उनियारा

उनियारा.कस्बे में भरने वाला हाट, इसमें वाहन आने पर लग जाता है जाम ।

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