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उनाव में विकसित होंगे दो उद्यान, 400 से अधिक पौधे रोपे

3 वर्ष पहले
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ग्राम पंचायत की पहल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास की मनरेगा योजना के तहत दो लघु उद्यान विकसित किए जा रहे है। जिला पंचायत के अधिकारियों के सहयोग से आगामी तीन साल में कस्बा उनाव बालाजी में यह उद्यान विकसित हो जाएंगे। हर लघु उद्यान में पहले चरण में दो सैकड़ा फलदार, छायादार व सजावटी पौधों का रोपण हरियाली महोत्सव के दौरान माह अगस्त 2017 में किया जा चुका है। कस्बा उनाव बालाजी की पहचान सोलहवीं शताब्दी के समकालीन बने ऐतिहासिक ख्याति पूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में है।

बता दें कि उनाव बालाजी से प्रवाहित पहूज नदी में स्नान कर भगवान भास्कर की आराधना करने से दैहिक व्याधियों से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए हर रविवार को यहां लघु मेला लगता है। मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ यहां भगवान भास्कर के दर्शन करने के लिए आते हैं। इतने बड़े धार्मिक महत्व के स्थल पर यात्रियों को दो पल सुकून के व्यतीत करने के लिए कस्बे में एक भी पार्क नहीं है। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लघु उद्यान विकसित करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कार्य की स्वीकृति ग्राम पंचायत उनाव को प्राप्त हुई थी। पंचायत सरपंच लक्ष्मण सिंह यादव की पहल पर पुलिस थाना प्रांगण व पूर्व में वन आच्छादित स्थल में शुमार रही मुन्ना महराज की कुटी पर लघु उद्यान विकसित करने की योजना तैयार की गई।

उद्यानों में रोपे गए फलदार, छायादान व सजावटी पौधों की सुरक्षा के लिए तारों की फैंसिंग की गई है। इसके लिए तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश सातनकर व जन सहयोग लिया गया है। अगस्त माह 17 में आम, जामुन, कटहल, अमरूद, करोदा, नीबू शीशम, गुलमोहर सहित अन्य फलदार व छायादार वृद्ध रोपे गए हैं।

दोनों स्थलों पर पौधों की देखभाल के लिए निश्चित मानदेय पर मनरेगा के तहत वालंटियर की नियुक्ति भी की गई है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो कस्बा उनाव को दो वन आच्छादित उद्यान में बिखरी हरियाली नसीब हो सकेगी। बीते दस माह से ग्राम पंचायत ने पुलिस थाना प्रांगण में पौधों की देखभाल के लिए तैनात किया है। पेड़ पौधों की परवरिश अपने बच्चों की तरह कर रहे हैं। हफ्ते में तीन बार पानी देकर लगे पौधों की देखभाल की जा रही है।

विकास

मनरेगा मद से होगी पौधों की परवरिश, उनाव आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय निवासियों को भी बैठने के लिए मिल सकेगी जगह

पौधों को टैंकर के पानी से सींचता कर्मचारी।

पौधों की अच्छी तरह से की जा रही है देखभाल

यदि सुरक्षा की दृष्टि से अन्य जगहों पर तार फैंसिंग व पेयजल के लिए बोरवेल के इंतजाम हो तो इस योजना के तहत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस साल भी पौधरोपण किया जाएगा। दोनों लघु उद्यान की सुरक्षा के लिए मानदेय पर कर्मचारी तैनात हैं। जो अच्छी तरह से देखभाल कर रहे हैं। हिमांशु तिवारी, एसडीओ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जनपद पंचायत दतिया

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