कलशयात्रा के बाद शनिदेव का किया तेलाभिषेक
मंगलवार को ग्राम घुघसीडीह में न्याय के देवता भगवान शनि देव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से ग्राम पुरोहित गिरीश महाराज ने पूजा, हवन कराया।
इस अवसर पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर ग्राम भ्रमण किया। भजन मंडली के सदस्यों ने भजन गाते हुए कलश यात्रा की अगुवाई की। प्राण प्रतिष्ठा के बाद महाभोग और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शनि जयंती पर हुए इस धार्मिक आयोजन में दर्शन के लिए सुबह से शाम तक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। सभी ने शनिदेव का तेलाभिषेक किया। इसी तरह अंचल के शनि मंदिरों में भी शनि जयंती पर दिनभर धार्मिक कार्यक्रम होते रहे। यह प्रतिमा गिरधर ठाकुर परिवार द्वारा प्रदान की गई। समारोह में सरपंच प्रहलाद चंद्राकर, संतोष ठाकुर, विशाल ठाकुर, मकुंदी यादव, सहदेव ओझा, चोवाराम कोठारी, कमलेश यादव, पूर्णिमा सगरवंशी, लक्ष्मी चंद्राकर व ग्रामीण उपस्थित थे।
प्राण प्रतिष्ठा
शनि जयंती पर घुघसीडीह के मंदिर में भगवान की प्रतिमा स्थापित, भक्तों ने यज्ञ में डाली आहुतियां, फिर भंडारा में ली प्रसादी
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सबसे पहले महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर ग्राम का भ्रमण किया।
सत्यनारायण की कथा के बाद हुआ हवन, प्रसाद में बांटी गई खीर व पूड़ी
सेलूद|ग्राम महुदा में शनि जयंती पर भगवान सत्यनारायण की कथा कराई गई। सुबह भक्तों ने पूजा-अर्चना कर हवन में आहुतियां डाली। इसके बाद भक्तों को खीर पूड़ी का प्रसाद बांटा गया, जो देर शाम तक चलता रहा। रात्रि में तुलसी मानस मंडली सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में ग्राम पुरोहित गिरिधर प्रसाद शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि कामत पटेल, परस राम साहू, पवन, सावंत, संजु, गीता लाल, मुकेश शामिल हुए।