भास्कर संवाददाता|विदिशा /लटेरी
लटेरी कृषि उपज मंडी में उपज बेचने के लिए आए एक किसान की गुरुवार की मौत की घटना से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। यहां एक दिन पहले तक किसानों की ट्रालियों को स्कूल के सुरक्षित कैंपस में खड़ी हो रही थीं, वहीं किसान मूलचंद की मौत की घटना के बाद गुरुवार की शाम को सभी किसानों को नगर से बाहर मेला ग्राउंड पर असुरक्षित माहौल में पहुंचा दिया है। इस खुले मैदान में न तो बिजली है और न ही सुरक्षा के काई इंतजाम। कचरा, गंदगी और मृत जानवरों की असहनीय बदबू के बीच 150 से 200 किसान मेला प्रांगण में अपनी उपज के साथ पड़े हुए हैं। यहां मौजूद किसानों की मानें तो अनाज की रखवाली के लिए उन्होंने गुरुवार-शुक्रवार की पूरी रात जागकर गुजारी है। बामनखेड़ी के किसान ब्रजेश बघेल ने बताया कि उन्हें 17 मई की तौल का मैसेज मिला था लेकिन शुक्रवार 18 को भी उपज नहीं तुली है। यही अन्य किसानों का भी कहना था।
जिले में चल रही समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी में किसानों की खासी फजीहत हो रही है। जितनी खरीदी की व्यवस्था और क्षमता नहीं है उससे ज्यादा संख्या में किसानों को मैसेज भेजकर खरीदी केंद्रों पर बुला लिया गया है।
बुजुर्ग किसान की मौत के बाद प्रशासन ने मंडी के पास स्कूल के कवर्ड कैंपस में खड़ी ट्रालियां हटवाकर असुरक्षित मेला ग्राउंड में पहुंचाईं
चना खरीदी से जुड़ी खास खास जानकारी
80682 किसानों ने कराया चना बेचने के लिए पंजीयन।
72865 मीट्रिक टन की खरीदी
36.96 फीसदी किसानों ने ही बेची उपज
48.17 प्रतिशत किसानों को ही हुआ भुगतान
70.34 फीसदी हुआ परिवहन
चक्काजाम: सिरोंज| एलबीएस काॅलेज में बनाए गए खरीदी केन्द्र पर शुक्रवार को शाम को किसानों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने पहुंचकर काफी समझाइश के बाद किसानों से जाम खत्म करवाया।
मसूर की खरीदी से जुड़ी खास-खास जानकारी
25673 किसानों ने मसूर बेचने कराया पंजीयन।
12528 एमटी मसूर की खरीदी
32.96 फीसदी किसानों ने ही बेची उपज
45.24 प्रतिशत किसानों को हुआ भुगतान
60 फीसदी उपज का ही हो सका है परिवहन
लटेरी कृषि उपज मंडी में उपज बेचने के लिए आए किसान मेला ग्राउंड में इस तरह अंधेरे में ट्रैक्टर ट्राली लेकर उपज की रखवाली कर रहे थे।
शमशाबाद मंडी में जगह की कमी 3-4 दिन पुरानी तारीख की हो रही तौल
शमशाबाद में भी चना मसूर खरीदी में बदइंतजामी के हालात हैं। शुक्रवार को मंडी के आसपास की सड़कें ट्रैक्टर ट्रालियों से जाम नजर आईं। अधिक मात्रा में एसएमएस पहुंचने से रोजाना सवा सौ से अधिक किसान यहां उपज लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर एक हेक्टेयर के छोटे से परिसर में अधिक आवक होने से सरकारी खरीदी तो गड़बड़ा ही रही है, वहीं व्यापारियों की खरीदी भी प्रभावित हो रही है। अब तक करीब 30 हजार क्विंटल चना और मसूर की खरीदी हो चुकी है। इस केंद्र पर दो से तीन दिन पहले के मैसेज वाले किसानों की उपज की तुलाई हो पा रही है।