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मंडप में चल रही थी फेरों की तैयारी दूल्हा-दुल्हन को साथ ले गई पुलिस

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | विदिशा/ लटेरी

गुलाबगंज से शादी करने आए 38 वर्षीय दूल्हे और कम उम्र की दुल्हन को घर वालों सहित पुलिस बुधवार दोपहर को मंडी गेट बरईपुरा के एक घर में बने मंडप से उस वक्त ले आई जिस समय वे सात फेरे की तैयारी चल रही थे। मंडप में महिला सशक्तिकरण विभाग, पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम को आते देख वहां मौजूद बाराती और घराती घबरा गए। इसके बाद दुल्हन गायब हो गई। जब दूल्हा और दुल्हन के पिता को पुलिस उठाकर लाने लगी तब अचानक दुल्हन सामने आ गई। दुल्हन का कहना था कि मेरे पिता को नीचे उतारो। इसके बाद पुलिस दुल्हन को भी साथ लेकर जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय में आ गई। वहां परिजन दुल्हन की उम्र का कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद आयु परीक्षण के लिए दुल्हन को जिला अस्पताल भेजा। एक्सरे के बाद डॉ संजय जैन ने दुल्हन की उम्र 18 साल से ज्यादा बताई। यह घटनाक्रम करीब 3.30 घंटे तक चलता रहा।

महिला सशक्तिकरण विभाग के जिला सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश ताम्रकार ने बताया कि दुल्हन ने खुद अपने कथन में अपना जन्म जनवरी 2003 बताई थी। इससे उसकी उम्र सवा 15 साल है। किशोरी 9वीं में पढ़ती थी। किशोरी का कहना था कि मैं पढ़ना चाहती थी लेकिन परिजनों ने शादी के लिए मजबूर किया तो तैयार हो गई। वहीं दुल्हन के पिता का कहना था कि परिवार बहुत गरीब है। दूल्हा संदीप शर्मा गुलाबगंज निवासी है और वह टेंट हाउस संचालक है।

शाम को आयु परीक्षण में डॉक्टर ने दुल्हन की उम्र 18 साल से ज्यादा बताई

शिकायत मिलने के बाद दूल्हे को अपने साथ ले जाती पुलिस, साथ में शामिल अिधकारी।

विदिशा में शादी 63 जोड़ों की और पंडित आए सिर्फ 22, विवाह में देर

रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 80 रजिस्ट्रेशन हुए थे लेकिन मौके पर केवल 63 नव युगल पहुंचे। जिनके विवाह के लिए दोपहर 12 बजे तक केवल 22 पंडित ही उपलब्ध थे। हालांकि महंत रामेश्वर दयाल चतुर्वेदी का कहना था कि बाकी जोड़ों की शादी के लिए 40 पंडित आ गए हैं। नव युगलों को सुबह 9 बजे का समय दिया गया था लेकिन कलेक्टर अनिल सुचारी एसडीएम रविशंकर राय, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन समेत अन्य आला अधिकारी दोपहर 12 बजे दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने मौके पर पहुंचे। पंडाल में शादी का जोड़ा पहनने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं था। इस कारण दुल्हनों के परिजन कपड़े की आड़ किए हुए थे ।

दूल्हे के 16 परिजनों को मिले भोजन के सिर्फ 8 पैकेट

डंगरवाड़ा से आए रामलीला मैदान में बेटे कल्लू कोरी की शादी कराने आए राजू कोरी ने बताया कि उनके साथ 16 रिश्तेदार आए हैं लेकिन भोजन के सिर्फ 8 पैकेट दिए गए हैं। आचार्य कॉलोनी में रहने वाले मोहरसिंह जाटव ने बताया कि बर्तन, कपड़े, गैस चूल्हा और दुल्हन के लिए जेवर आदि सामग्री के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े।

विवाह सम्मेलन में दीवार गिरने से 6 लोग घायल

लटेरी के उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कन्यादान योजना के विवाह सम्मेलन में विद्यालय परिसर की बाउंड्रीवाल पर बड़ी संख्या में लोग चढ़कर बैठे थे। इस कारण बाउंड्रीवाल गिर गई और 6 लोग घायल हो गए। इनमें से बारेलाल को पैर में फ्रेक्चर होने के चलते विदिशा रेफर किया गया है। वहीं इरफान के पैर में भी फ्रेक्चर है।

व्यवस्थाओं की खुली पोल...

धूप से बचने के लिए शौचालय में बैठी दुल्हन

लटेरी के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में ग्राम ऊलाखेड़ा से आए वधु पक्ष को दोपहर 1 बजे धूप से बचने के लिए शौचालय में शरण लेना पड़ी। रिश्तेदारों ने भी शौचालय में फर्श बिछाकर अपना डेरा डाल लिया था। इस संबंध में जब वधु किरण के पिता कंवरलाल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हमारा पंजीयन क्रमांक 96 है। हम ग्राम ऊलाखेड़ी से आए हैं। हमारी लड़की की विवाह वेदी जिस स्थान पर है वहां पंडाल की व्यवस्था नहीं की गई है। लड़की कुछ दिन पहले बीमार थी। धूप बर्दाश्त नहीं कर सकती थी। इसलिए मजबूर होकर हमें शौचालय में बैठाना पड़ा है। लटेरी में लगभग 270 जोड़ों की व्यवस्था पंडाल के नीचे तथा 55 से 60 जोड़ों की व्यवस्था 42 डिग्री तापमान में खुले आसमान में की गई थी।

किशोरी बोली... मैं तो पढ़ना चाहती थी लेकिन परिजनों के दबाव में शादी के लिए मजबूर थी

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