टिकट नहीं हुआ था कंफर्म, इसलिए बैठे थे गेट के पास
टिकट नहीं हुआ था कंफर्म, इसलिए बैठे थे गेट के पास
अनिल सिंह ने बताया कि सभी लोगों ने पुष्पक एक्सप्रेस से रिजर्वेशन करवाया था लेकिन सीट क्लियर नहीं हुई थी। इसलिए स्लीपर कोच की गैलरी में बैठ गए थे। दिनभर और रात में बैठे रहे। सुबह-सुबह गेट पर बैठे-बैठे प्रमोदसिंह को नींद आ गई। गंजबासौदा निकलने के बाद वह गेट से नीचे गिर गया। रवि ने चेन खींची लेकिन ट्रेन करीब पांच किमी आगे तक गुजर गई। जब तक हम लौटे तब तक वहां पुलिस आ गई। प्रमोद को लेकर विदिशा आए लेकिन हालत गंभीर होने की वजह से भोपाल रेफर कर दिया। सांची के पास प्रमोद ने दम तोड़ दिया। पवनसिंह ने बताया कि अगले महीने प्रमोद की सगाई होना थी। हम लोग कुछ दिन पहले ही मुंबई से लौटकर अपने गांव गए थे। मुंबई लौट रहे थे तब ये हादसा हो गया।