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दो घंटे रेस्टहाउस में करते हैं प्रदर्शन फिर चले जाते हैं घर

3 वर्ष पहले
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पिछले 15 दिन से रामद्वारा रेस्ट हाउस में वीआईपी धरना-प्रदर्शन चल रहा है। अपनी मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर संघ के बैनरतले रोजाना सिर्फ एक-दाे घंटे धरना प्रदर्शन होता है और इसके बाद इंजीनियर अपने-अपने घर चले जाते हैं। इस धरने की खासबात यह है कि यहां कमरे में ठंडक भी है और पंखा भी चलता है। इसे वीआईपी कल्चर वाला धरना प्रदर्शन कह सकते हैं। सब कुछ सरकारी परिसर में आराम से चल रहा है। इस बारे में मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह राजपूत का कहना है कि

रेस्ट हाउस में पिछले 15 दिन से धरना जारी है। सभी एक-दो घंटे के रोजाना आते हैं और यहां अपनी राय देते हैं। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले जाते हैं। हड़ताल सफल है और कोई काम पर नहीं जा रहा है। उनका कहना है कि हम पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं।

नहीं हो रहा पर्यवेक्षण

मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता आरके शर्मा का कहना है कि हड़ताल से जिले के लगभग 435 करोड़ के लोक निर्माण विभाग, 80 करोड़ के जल संसाधन विभाग, 50 करोड़ के आरईएस, 50 करोड़ के पीएचई के निर्माण कार्यों को पर्यवेक्षण,सर्वेक्षण नहीं हो रहा है। बुधवार को हड़ताल में अवनेश जैन, नरेंद्र सिंह राजपूत, एचआर गर्ग, अशोक नामदेव , बीके बगुल्या, सतवीरसिंह, हरिशंकर नामदेव, जेएस सिरोही, आकांक्षा जैन, मोनिका बैरागी, शानू जैन, प्रिया भदौरिया सहित कई इंजीनियर शामिल हुए।

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