किसानों का 88 करोड़ रुपए का भुगतान अटका
जिले में करीब 3 लाख एमटी गेहूं की खरीदी हो चुकी है। अभी भी हजारों किसान उपज के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। कई किसान जहां सप्ताह भर से राशि न मिलने से परेशान हैं, वहीं कई किसान ऐसे भी हैं 15-20 दिन बाद भी भुगतान नहीं मिला है। किसानों में भुगतान न होने को लेकर खासा आक्रोश है। इसके बावजूद उपार्जन एजेंसी विपणन संघ द्वारा राशि जारी करने में लेटलतीफी की जा रही है। इससे किसानों को उपज के भुगतान के लिए सोसायटियों के चक्कर काटना पड़ रहे हैं। जिले में करीब 88 करोड़ रुपए का भुगतान विपणन संघ की लेटलतीफी से अटका हुआ है।
जिला सहकारी बैंक के सीईओ ने जिला विपणन अधिकारी को भुगतान के संबंध में पत्र लिखकर जल्द से जल्द राशि जारी करने के लिए कहा है। लिखे गए पत्र में यह भी हवाला दिया गया है कि 2 मई के बाद से राशि जारी नहीं हुई है। समय पर राशि प्राप्त नहीं होने से किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। खास बात यह है कि विपणन संघ की इस लेटलतीफी की वजह से समितियों की साख सीमा पर अनावश्यक ब्याज का भार पड़ रहा है।
दो दिन पहले की स्थिति में खरीदी एजेंसी विपणन संघ से 426.15 करोड़ की राशि प्राप्त हो चुकी थी, जबकि 87.71 करोड़ की राशि मिलना शेष थी। गेहूं के अलावा चना और मसूर सहित सरसों की खरीदी में भी किसानों को भुगतान में विलंब किया जा रहा है। जिले में चना और मसूर की खरीदी में किसानों को भुगतान की स्थिति भी महज 41 प्रतिशत चल रही है। इससे चना और मसूर बेचने वाले किसानों में भी नाराजगी है।