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डॉक्टरों की कमी से 4.50 % प्रसूताओं की ही प्रसव से पहले हो पाती है पूरी जांच
फार्मेट के हिसाब से नहीं भरी जानकारियां
भास्कर संवाददाता|विदिशा
नीति आयोग ने स्वास्थ्य के हालातों पर फिर एक सूची जारी की है। इस सूची के हिसाब से जिले में अभी भी कुछ मामलों में हम बेहद पिछड़े हैं। इस सूची में प्रदेश के सभी जिलों के हालात बताए गए हैं। इसके हिसाब से विदिशा जिला दो मामलों में पिछड़ा हुआ है। सूची के हिसाब से जिले में प्रसव पूर्व 16.90 फीसदी प्रसूताएं ही अपनी चार जांच करवा रही हैं।
इसके अलावा 4.50 फीसदी प्रसूताओं का प्रसव के पूर्व सभी तरह के टीकाकरण और जांच हो रही हैं। इससे पहले मार्च के आखिर सप्ताह में नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें जिले को स्वास्थ्य में बेहद पिछड़ा बताया था। इस बार सूची में प्रसूताओं, शिशु और महिला स्वास्थ्य संबंधी अलग-अलग जानकारी दी गई है। इस कारण जिले में डॉक्टरों की काफी कमी है। 73 मेडिकल अाॅफीसर में से 54 पद भरे हैं और 19 पद रिक्त हैं। इसके अलावा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 33 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 13 भरे हैं और 20 रिक्त हैं।