आवक रही सिर्फ 5 हजार बोरे
आवक रही सिर्फ 5 हजार बोरे
कृषि मंडी में इन दिनों प्रतिदिन 15 से 20 हजार बोरा गेहूं आ रहा है। उसमें शरबती 4000 से 5000 बोरे मिल रहा है। शेष दूसरी किस्में मिल रही है। अनाज व्यापारी बसंत अग्रवाल का कहना है कि शरबती को शार्ट टैक्स प्लांट से तैयार करने के बाद जब सोने जैसी चमक वाले इस गेहूं का दाना दाना एक जैसा दिखता है। उसका भाव 3800 रुपए प्रति क्विंटल तक हो जाता है। यह किस्म पांच सितारा होटलों व वीआईपी तक पहुंचते- पहुंचते 4800 रुपए प्रति क्विंटल हो जाती है। क्योंकि शार्ट टैक्स प्लांट में आने के बाद दाना- दाना एक जैसा करने में 50 प्रतिशत दाना अलग हो जाता है।
विदिशा की मंडियों का देश में इसी कारण है नाम
विदिशा, गंजबासौदा मंडी का नाम शरबती गेहूं के कारण ही पूरे देश में नाम है। जिले में जितना गेहूं उत्पादन होता है। उसमें पहले सत्तर फीसदी रकबा में शरबती की पैदावार होती है। अब रकबा घटकर 40 प्रतिशत पहुंच गया है। इसी के कारण कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां विदिशा, गंजबासौदा, सिरोंज, खुरई, बीना, सीहोर, अशोकनगर आदि से खरीदकर गेहूं ले जाती हैं।