स्टेट हाईवे पर 40 स्पीड ब्रेकर, सड़क के किनारे भी कटे, बढ़ रहीं दुर्घटनाएं
गोरस-मुरैना स्टेट हाईवे पर 40 स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। इसके साथ ही सड़क के किनारे भी कटे हुए हैं। इसके कारण सड़क हादसों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। स्थिति यह है कि एक महीने में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से अिधक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुकी है। हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी 11 करोड़ की लागत से एमएस रोड का मेंटेनेंस करा रही है। कराया जा रहा है। इसके बाद भी श्यामपुर से टेंटरा तक सड़क के किनारे नहीं बनवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं गोरस-मुरैना स्टेट हाईवे पर मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि हाईवे सड़क के दोनों ओर किनारे नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे हादसों की संख्या बढ़ रही है।
पिछले सप्ताह कार अनियंत्रित होने से पिता पुत्र की मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि साइड के गड्ढे और हाईस्पीड ब्रेकर की भरमार होने से हाईवे का सफर लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। सफर के दौरान हाईवे की हालत देखकर वाहन चालक हादसे की आशंका के चलते सावधानी बरतते हैं। यात्रियों को हर पल हादसे की आशंका रहती है। मंजिल पर सुरक्षित पहुंचकर लोग भगवान का शुक्रिया अदा करना नहीं भूलते हैं। वीरपुर के लोगों की शिकायत है कि करोड़ों रुपए मेंटेनेंस पर खर्च होने के बावजूद लोगों की परेशानी बरकरार है। ठेकेदार ने साइड भराई का काम एस्टीमेट में शामिल नहीं होने की बात कहते हैं। ऐसे में लोगों की मांग है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अफसरों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
कूनो सायफन पुल में दरार चौड़ी होने से खतरा बढ़ा: श्योपुर- मुरैना राजमार्ग पर वीरपुर के पास बना कूनो सायफन पुल के बीच लंबी-चौड़ी दरारें पड़ गई है। विगत 15 साल से पुल को मेंटेनेंस की दरकार है। जल संसाधन विभाग द्वारा कई बार प्रस्ताव भेजे गए हैं। लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण आवश्यक मरम्मत नहीं हो पाई है। करीब 65 साल पुराना कूनो सायफन पुल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट नमूूना है। यहां नीचे कूनो के ऊपर से चंबल दाहिनी मुख्य नहर निकली है। कूनो सायफन के बगल में पुल से वाहन गुजरते हैं। कई साल से मरम्मत के अभाव में पुल कई जगह दरक गया है। वीरपुर से आने वाले वाहन जैसे ही कूनो सायफन के पास पहुंचते हैं मुश्किल शुरू हो जाती है। पुल के मुहाने पर गड्ढे हो रहे हैं। ज्वॉइंट की दरार दिनोंदिन चौड़ी हो रही है। कई जगह आधा से एक फीट चौड़ी दरार पड़ गई है। दरार के कारण वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस पुल से रोजाना श्योपुर और मुरैना के बीच चलने वाली यात्री बसों के अलावा लोडिंग वाहनों की दिन रात आवाजाही लगी रहती है। पुल से रोजाना 500 वाहन गुजरते हैं। छह माह पूर्व एक यात्री बस गड्ढे मेंं असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो गई थी। गनीमत यह रही कि बस पुल की रेलिंग से टकराकर खड़ी हो गई, यदि बस नदी में गिर जाती तो भीषण हादसा हो सकता था। लोगों का कहना है कि आवश्यक मरम्मत के अभाव में न सिर्फ पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि इससे जान माल को खतरे की आशंका बनी हुई है।
सवाई माधौपुर स्टेट हाईवे पर दांतरदा कस्बे में बहता नाली का पानी।
दांतरदा में हाईवे पर नाली का पानी बहने से लाेगों की मुश्किलें बढ़ी
श्योपुर सवाई माधोपुर हाईवे प र दांतरदा कस्बे में नाली का पानी बीच सड़क पर बहता है। बड़ के पेड़ के पास बीच हाईवे पर पानी भरने से वाहन चालकों के साथ ही आम राहगीर परेशान हो रहे हैं। चलते वाहनों के साथ सड़क का पानी उचटकर हाईवे किनारे बसे कई घरों व दुकानों तक पहुंचता है। राहगीरों के कपड़े खराब हो जाते हैं।इसी बात को लेकर वाहन चालक और राहगीरों के बीच दिन में कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। सरपंच रामसिंह मीणा ने बताया कि इसी जगह से पूरे कस्बे की नाली का पानी हाईवे को क्रॉस करता है। इसलिए अंडरग्राउंड पक्का नाला बनाना था। लेकिन एमपीआरडीसी द्वारा नाला बनाने के बजाय पाइप बिछा दिया गया था। इस पाइप में कचरा आने पर पूरा पानी बहकर हाईवे पर भर जाता है। जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।