बीटीटी रामेश्वर केशरी की विधवा संगीता देवी ने अपने पति की मौत पर सहयोगी सहकर्मी बीटीटी तथा उसके पति संतोष केशरी, ससुर तथा सास सहित पांच लोगों के विरुद्ध स्थानीय थाना में षड्यंत्र कर हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए आत्महत्या का शक्ल देने की प्राथमिकी दर्ज करायी है। आईओ सह पुलिस निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान के बाद दोषी पाए जाने वाले के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई होगी। बिना सबूत के निर्दोष की गिरफ्तारी नहीं होगी।
जांच टीम ने दिन भर की पूछताछ : डीएसपी सुरजीत कुमार के नेतृत्व में आईओ सह पुलिस इंस्पेक्टर डीएन रजक सहित तीन थाना के थानाप्रभारी शुक्रवार को दिनभर जांच में जुटे रहे। आईओ व पुलिस निरीक्षक रजक ने बताया की बीटीटी रामेश्वर की मौत हत्या थी या आत्महत्या इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी तरह से हो पाएगा। इसके अलावा घटना स्थल पर मिले साक्ष्य की फोरेंसिक जांच से हत्या की अंतिम पुष्टि हो सकेगी। इस बीच स्थानीय दर्जनाधिक महिला-पुरुष से डीएसपी सुरजीत कुमार तथा जांच दल में शामिल रेहला थाना प्रभारी नूतन मोदी, नावाबाजार थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह व स्थानीय प्रभारी चंद्रशेखर कुमार तथा इस कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर डीएन रजक ने घटना से जुड़े तथ्यों की गहनता से पूछताछ की।