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भरी पंचायत में आरोप-पुलिस कहती है स्पीकर के दबाव में नहीं रोक पा रहे ओवरलोड वाहन

3 वर्ष पहले
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साबापुर से गुजरने वाले रेत-बजरी से भरे ट्रकों को रोकने पर हुए विवाद को निपटाने के लिए सोमवार को हुई पंचायत में स्पीकर कंवरपाल गुर्जर पर ही ओवरलोडिंग को बढ़ावा देने के आरोप लग गए। साबापुर के रोशनलाल कांबोज ने भरी पंचायत में कहा कि पुलिस कहती है कि ओवरलोड वाहन नहीं रुक सकते क्योंकि स्पीकर साहब का दबाव है। पंचायत में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद स्पीकर कंवरपाल गुर्जर यह सुनकर चौक पड़े। बोले-एसएचओ बताएं कि मैंने कब कहा कि रेत-बजरी के वाहन नहीं रोकने। यह सुनते ही एसएचओ हरदीपेंद्र के चेहरे पर पसीना आ गया। हालांकि वे तुरंत मुकर गए, बोले सर, मैंने किसी को ऐसा नहीं कहा। तब डीएसपी राजेंद्र सिंह ने किसी तरह बात संभाली। मगर स्पीकर पर सीधे आरोप लगने से पंचायत में हंगामा हो गया। एक बार तो नौबत मारपीट तक की आ गई थी। बवाल के बाद स्पीकर व विधायक घनश्याम दास अरोड़ा पंचायत बीच में ही छोड़कर निकल गए।

साबापुर के ग्रामीणों ने रविवार रात को ओवरलोड वाहन रोक पहरा दिया था। विवाद निपटाने के लिए सोमवार को जगाधरी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मीटिंग में विस स्पीकर, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, डीएसपी राजेंद्र सिंह व बुडिया एसएचओ हरदीपेंद्र सिंह आए। खनन ठेकेदार और स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों की तरफ से कई भाजपा नेता व उनके रिश्ते-नातेदार मौजूद थे। बहरामपुर, साबापुर और बाकरपुर के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में आए थे। वहीं सोमवार देर रात को ग्रामीणों ने फिर आेवरलोड वाहन रोक दिए। उनका कहना था कि प्रशासन चाहे उन पर कार्रवाई कर ले लेकिन वे गांव से ओवरलोड वाहन नहीं निकलने देंगे।

-सकपकाए स्पीकर ने एसएचओ से पूछा-बताओ मैंने कब मना किया

इल्जाम लगे तो स्पीकर ने पकड़ा माथा

यमुनानगर | रोशन लाल कांबोज ने जैसे ही कहा कि स्पीकर के कहने पर पुलिस ओवरलोड नहीं रोकती तो स्पीकर कंवरपाल माथे पर हाथ रखकर सोचने लगे।

क्रशर संचालक बोले-हम घाटे में, कैसे व्यापार चलेगा : स्टोन क्रेशर संचालकों ने पंचायत में बात रखी कि उन्होंने लाखों रुपए खर्च कर काम लिया है। पहले ही वे घाटे में चल रहे हैं। अगर माल लेने के लिए ट्रक ही नहीं आएंगे तो फिर उनका व्यापार कैसे चलेगा। कुछ ग्रामीण ट्रक ड्राइवरों से मारपीट कर चुके हैं। आगे बारिश का सीजन शुरू हो जाएगा। उस समय वे काम नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि वे ग्रामीणों की समस्या समझते हैं, लेकिन उनकी भी मजबूरी है।

ओदरी के रास्ते निकलने पर समझौता हुआ तो वहां के ग्रामीण विरोध में उतरे : स्पीकर और विधायक पंचायत से जाने के बाद डीएसपी राजेंद्र सिंह ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया। खनन कार्य से जुड़े पांच व्यापारियों और पांच ग्रामीणों को लेकर मीटिंग की। यह मीटिंग सिरे चढ़ गई। साबापुर के लोगों ने कहा कि गांव में नहर से लगता एक कच्चा रास्ता जा रहा है। वहां से दिन में खाली ट्रक निकाले जा सकते हैं। लोडिड वाहन रात 10 से सुबह 5 बजे तक गांव की सड़क से जा सकते हैं। दोनों पक्षों में सहमति हुई कि मौके पर जाकर रास्ते को चेक किया जाएगा। जैसे ही डीएसपी मौके पर दोनों पक्षों को लेकर गए तो वहां पर गांव ओदरी के लोग विरोध में उतर आए तो फैसला रद्द करना पड़ा।

इनेलो नेता के पास खनन का ठेका, भाजपा नेताओं के क्रशिंग प्लांट

गांव साबापुर, बहरामपुर, बाकरपुर से गांव बीबीपुर घाट से रेत के भरे वाहन निकलते हैं। यहां माइनिंग का ठेका इनेलो नेता के पास है। गांव टापूमाजरी में हरको फैड के चेयरमैन रामेश्वर चौहान समेत कई भाजपा नेताओं के परिवार के लोगों के स्टोन क्रशर हैं। ग्रामीण रोशनलाल कांबोज का कहना है कि भाजपा नेताओं के स्टोन क्रशर होने से रेत-बजरी के वाहन नहीं रोके जा रहे हैं। ग्रामीण सतीश कुमार, पवन, संजय, सुरेंद्र का कहना है कि स्टोन क्रशर और माइनिंग में राजनैतिक लोग हैं। पहुंच सरकार तक है, इसीलिए सुनवाई नहीं। प्रशासन चाहे तो रेत-बजरी के वाहनों को बीबीपुर घाट से कनालसी से बुड़िया होते हुए निकाला जा सकता है। टापू माजरी में लगे स्टोन क्रशरों से माल लेकर आने वाले ट्रकों को यूपी के शाहजहांपुर से निकाला जा सकता है।

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