वार्डबंदी के नए ड्राफ्ट पर आई सभी 117 आपत्तियों पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई। डीसी गिरीश अरोड़ा ने खुद हर आपत्ति को सुना। ज्यादातर को कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। कांग्रेसी पार्षद निर्मल चौहान की आपत्ति पर सबसे बाद सुनवाई हुई। हालांकि पहले चरण में उनकी आपत्ति पर सुनवाई होनी थी। मगर निगम की ओर से उन्हें सबसे आखिरी नोटिस भेजा गया।
सोमवार को डीसी गिरीश अरोड़ा ने वार्डबंदी के नए ड्राफ्ट पर 35 आपत्तियों की सुनवाई की। शाम तीन बजे से पांच बजे तक सुनवाई चली। हर परिवादी को आपत्ति पर बात रखने का पर्याप्त समय दिया गया। ड्राफ्ट में संशोधन को लेकर भी विस्तार से सवाल जवाब हुए। जिन परिवादियों की आपत्ति बिल्कुल जायज थी। उन्हें डीसी की ओर से हर संभव सहयोग देने की बात कही गई। आपत्तियां कम होने की वजह से सोमवार को ज्यादातर परिवादी सुनवाई से संतुष्ट नजर आए।
चौहान को मिला आखिरी में मौका : मेयर सरोजबाला की ओर से दर्ज करवाई आपत्ति पर सोमवार को सुनवाई हुई। मेयर को कांग्रेसी पार्षद निर्मल चौहान से पहले समय दिया गया था। इसके बाद सबसे आखिरी में चौहान को सुनवाई के लिए बुलाया गया। उन्होंने ड्राफ्ट की खामियों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। चौहान ने डीसी गिरीश अरोड़ा से उसकी आपत्ति पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। डीसी की ओर से चौहान को भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कई आपत्तियां जायज: डीसी
डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि सभी 117 आपत्तियों पर सुनवाई पूरी हो गई है। कई आपत्तियां बिल्कुल जायज हैं। उन पर कार्रवाई करवाई जाएगी। अभी सभी आपत्तियों का आंकलन किया जाएगा। फिर ड्राफ्ट को संशोधन के लिए यूएलबी के पास भेजा जाएगा। ड्राफ्ट में किसी तरह की खामी नहीं होगी। हमारी कोशिश है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। पूरी निष्पक्षता व ईमानदारी से आपत्तियों पर कार्रवाई होगी।