घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी में कई गैस एजेंसी संचालक भी शामिल हैं। उनकी मिलीभगत से ही कालाबाजारी करने वालों का धंधा चल रहा है। वीरवार को प्रोफेसर कॉलोनी में मकान में मिले 23 गैस सिलेंडरों के मामले में पुलिस ने खुशीराम पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी फरार है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस और डीएफएससी विभाग के शक के दायरे में शहर के कई गैस एजेंसियों के संचालक हैं।
पुलिस जहां आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गैस एजेंसी के नाम का खुलासा होने की बात कह रही है तो वहीं संंबंधित विभाग इसमें गहनता से जांच की बात कह रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग गैस एजेंसी संचालकों को भी बेनकाब करते हैं या फिर हर बार की तरफ सिर्फ नामजद आरोपी तक ही कार्यवाही सिमट जाएगी। बता दें वीरवार को डीएफएससी की टीम ने प्रोफेसर कॉलोनी में रेड कर एक मकान से 23 घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर बरामद किए थे। इस मामले में खुशीराम पर केस दर्ज कराया गया है।
घटना के बाद से आरोपी फरार: जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर ओमबीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रोफेसर कॉलोनी निवासी खुशीराम पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपी घटना के बाद से ही फरार है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, उसमें ही सामने आएगा कि उसकी किस-किस गैस एजेंसी पर सेटिंग थी, जहां से वह गैस सिलेंडर लेता था।
बसंत विहार कॉलोनी में भी पकड़ा था ऐसा ही मामला एजेंसी संचालकों तक नहीं पहुंच पाई थी कार्रवाई
सितंबर 2017 में पुलिस और संबंधित विभाग ने बसंत विहार कॉलोनी में एक गोदाम में रेड की थी। वहां से 38 गैस सिलेंडर मिले थे। यहां पर भी घरेलू से कॉमर्शियल में सिलेंडर में गैस बदलने का अवैध काम होता था। पुलिस और संबंधित विभाग की कार्रवाई मौके पर पकड़े गए आरोपी तक ही सीमित रही। उस समय दो गैस एजेंसी से गैस आने की बात सामने आई थी, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हम जांच कराएंगे, एजेंसी पर भी कार्रवाई करेंगे :डीएफएससी
डीएफएससी सुरेंद्र सिंह धौलरा ने बताया कि इस मामले में विभाग जांच कराएगा। जो गैस सिलेंडर मिले हैं उनका पता लगाया जाएगा कि किस एजेंसी से वे आए हैं। जांच में जिस भी एजेंसी की मिलीभगत सामने आएगी, उस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।