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स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर गायब, 10 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सड़कों पर कूड़े के ढेर

3 वर्ष पहले
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नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर गए दस दिन बीत चुके हैं। शहर की सड़कों पर कूड़े के ढेर भी लगने शुरू हो गए हैं। सड़कों से रोज कूड़ा उठाने वाले ठेकेदार को भी अब हड़ताली कर्मचारियों की ओर से धमकियां मिल रही हैं। विरोध के बावजूद शहर की सफाई कर रहे कर्मचारी इससे डरे हुए हैं। व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए निगम अधिकारी वैकल्पिक बंदोबस्त करने की बात कह रहे हैं। अभी तक स्वच्छता के नाम पर झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने वाले कहीं दिखाई नहीं दे रहे। स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर पार्षद प्रीति जौहर व मिसेज इंडिया श्वेता अठवाल भी सफाई को लेकर लोगों को जागरूक करतीं नजर नहीं आ रहीं। तमाम नेता व सामाजिक संगठन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद से सफाई के लिए एक बार भी आगे नहीं आए हैं।

हड़ताली कर्मचारियों की ओर से मुझे धमकियां मिल रहीं: ठेकेदार जिंदल कुमार

शहर का कूड़ा उठा रहे ठेकेदार जिंदल कुमार को भी अब हड़ताली कर्मचारियों की ओर से धमकियां मिल रही हैं। उस पर बार-बार कर्मचारी कूड़ा न उठाने के लिए दबाव बना रहे हैं। जिंदल ने बताया कि उसे निगम की ओर से भी नोटिस मिला हुआ है। जिसमें साफ कहा कि अगर उसका कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल होगा या फिर तोड़फोड़ की किसी गतिविधि में शामिल होगा तो इसके लिए वह जिम्मेदार होगा। जिंदल ने बताया वह मुश्किल हालात में काम कर रहा है। निगम को कर्मचारियों की सिक्योरिटी के बंदोबस्त करने चाहिए।

अभी तक शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर है। निरंतर बाजारों व कॉलोनियों में सफाई हो रही है कूड़ा भी उठ रहा है। जरूरत पड़ी तो मेरे साथ सभी प्रशासनिक अधिकारी झाडू उठाकर खुद सफाई करेंगे। स्थिति न बिगड़े इसके लिए ठेकेदार को अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने साफ कहा कि अगर किसी हड़ताली कर्मचारी ने किसी कर्मचारियों को सफाई से रोका तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। गिरीश अरोड़ा, डीसी यमुनानगर

शहरी निकाय मंत्री का फूंका पुतला

शुक्रवार को हड़ताल कर्मचारियों ने शहरी निकाय मंत्री कविता जैन का पुतला आग के हवाले किया। रोषित कर्मचारियों ने हाय हाय के नारे भी लगाए। फव्वारा चौक पर कर्मचारी पुतले को अर्थी की तरह ले गए थे। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। लाल टोपी डालकर दिनभर कर्मचारी राज्य सरकार को कोसते रहे। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने उनके साथ कई वायदे किए थे। अभी तक उन वायदों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार जिम्मेदार हैं। हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर विचार करना चाहिए। मैंने तो निगम अधिकारियों को साफतौर पर कहा कि सफाई व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए। चाहे इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की जाए। अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल रहे तो फिर मैं तो लोगों के बीच जाउंगी ही। सरोजबाला, मेयर, नगर निगम

सफाई पर जिम्मदारों केे तर्क

सफाई को लेकर काफी शिकायतें आ रही हैं। हड़ताल के बाद शहर में बढ़ रही गंदगी को लेकर अभी तक कोई जागरुकता अभियान नहीं चलाया गया है। सिर्फ सफाई कर्मियों से सफाई करवाई जा रही है। प्रीति जौहर, पार्षद एवं ब्रांड एंबेसडर

निसंदेह हड़ताल का असर शहर की सफाई पर पड़ रहा है। ऐसे समय में मेरे साथ हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह शहर की सफाई का खुद ख्याल रखें। अब खुद लोगों के साथ सड़क पर आउंगी। हड़ताली कर्मचारियों से भी ये आग्रह किया जाएगा कि मांगों को लेकर वे विरोध का दूसरा रास्ता अपनाएं ताकि शहर की सफाई व्यवस्था न बिगड़े। श्वेता अठवाल, ब्रांड एंबेसडर

सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण गंदगी को लेकर समस्या आ रही है पर इसके लिए हमारी ओर से पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। 100 कर्मचारियों की नाला टीम को सफाई कार्य में लगाया गया है। मुख्य सड़कें व बाजारों से निरंतर कूड़ा उठ रहा है। कुछ कॉलोनियों में दिक्कत हो सकती है। डस्टबिनों से रोज कूड़ा उठाया जा रहा है। पवन बिट्‌टू, सीनियर डिप्टी मेयर

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक-दो दिन में खत्म हो जाएगी।हड़ताल लंबी चली तो सफाई के लिए बंदोबस्त करेंगे। मैंने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के आदेश दिए हैं। जरूरत पड़ी मैं खुद कार्यकर्ताओं के साथ शहर की सफाई के लिए झाडू उठाउंगा। कंवरपाल, विस स्पीकर

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