गांव साबापुर में ओवरलोड रोकने के लिए ग्रामीणों ने लाठियां उठाकर वाहनों को रोक दिया और पहरे पर बैठ गए। उनका आरोप है कि ओवरलोड वाहन तेजी से निकलते हैं। इस कारण गांव में हादसे का खतरा बना हुआ है। साथ ही सड़कों भी टूट रही हैं। ग्रामीण रोशन लाल कांबोज ने बताया कि इस समस्या को लेकर एक हफ्ता पहले ग्रामीण डीसी और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से मिले थे, लेकिन अब तक इन पर लगाम नहीं लगी। ऐसे में लोगों ने खुद लठ उठाए और पहरा देना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि पुलिस को भनक लगी तो गांव पहुंची और उन्हें समझाने लगी कि ऐसे वाहन रोकना ठीक नहीं लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना है कि वे दो दिन से ऐसा कर रहे हैं। पुलिस हम पर दबाव बना रही है और खनन वाले धमका रहे हैं लेकिन वे तब तक नहीं मानेंगे जब तक ओवरलोड वाहन नहीं रुकते। रविवार को डीएसपी राजेंद्र ने फोन कर ग्रामीणों को समझाया। सोमवार को जगाधरी में मीटिंग भी रखी है। वहां बैठकर समस्या का हल का आश्वान दिया। रविवार देर रात तक ग्रामीणों ने गाड़ियां नहीं निकलने दी। बता दें कि दो दिन पूर्व भी गांव अमालदपुर में स्कूली बच्चों ने आेवलोड वाहनों को रोक कर जाम लगा दिया था।
यमुनानगर | गांव साबापुर में पहरा देते ग्रामीण व लोगों को समझाने पहुंची पुलिस।