सातवें वेतन आयोग की मांगों को लागू न किए जाने के विरोध में अब यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के प्रोफेसर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। एचसीटीए के बैनर तले 22 मई को पंचकूला में प्रोफेसर्स सांकेतिक धरना देंगे। एचसीटीए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र चाहर व सचिव श्रीप्रकाश ने बताया कि प्रदेश सरकार अपने सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दे चुकी है, परंतु प्रदेश के कॉलेज व यूनिवर्सिटी शिक्षक अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। मानव संसाधन मंत्रालय व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से नवंबर 2017 में विश्वविद्यालय व कॉलेज कैडर के शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को इसका लाभ भी मिल चुका है।