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पावरकॉम के एसडीओ पर कर्मियों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, मिलकर की नारेबाजी
जो माहौल जीरकपुर में पावरकॉम के ऑफिस का बना हुआ है। वह इस शहर और यहां की पब्लिक के हित में कतई ठीक नहीं हैं। पॉवरकाम के ऑफिस में रिश्वतखोरी, दलाली और ठेकेदारों से कमीशनखोरी हो रही है। यह आरोप और कोई नहीं लगा रहा बल्कि इसी महकमे के कर्मचारी लगा रहे हैं। बुधवार को यहां करीब दर्जन भर फील्ड कर्मचारी अचानक अपना काम छोड़ पावरकॉम ऑफिस के बाहर जमा हुए। यहां इन कर्मचारियों ने एसडीओ कमर्शियल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। एसडीओ नवजोत सिंह के खिलाफ करीब आधे घंटे तक उनके ऑफिस के बाहर नारेबाजी की। यह सब तमाशा वहां अपने कामों से आई पब्लिक भी हैरानी से देखती रही।
क्यों आई ऐसी नौबत: एएलएम जरनैल सिंह एक दस्तावेज पर साइन कराने के लिए एसडीओ नवजोत सिंह के कमरे में गया। जरनैल ने आरोप लगाया कि एसडीओ ने उसे बुरी तरह से लताड़ कर ऑफिस से बाहर निकलने काे कहा। इसी बात को लेकर बाकी कर्मचारी जिसमें जेई, लाइनमैन, एएलएम और क्लेरिकल का स्टाफ भी एसडीओ के खिलाफ हो गए और धरने पर बैठे गए। इनमें जरनैल सिंह, सतपाल, कमल, निर्मल सिंह, बलदेव सिंह, बलजीत सिंह और भी कर्मचारियों ने कहा कि यहां पब्लिक और कर्मचारियों की सुनवाई नहीं है।
बड़े अधिकारी लोगों के काम को नहीं लेते सीरियसली...
Ãमैं यहां बिजली का बिल ठीक कराने आया हूं। बिल हर महीने गलत आता है। इतनी बिजली हम इस्तेमाल नहीं करते हैं। उससे कई ज्यादा बिल आता है। बिजली तो आती नहीं है, लेकिन बिल हर बार ज्यादा आता है। इसके लिए कई चक्कर लगा दिए गए हैं। पावरकॉम से पब्लिक परेशान है। इस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पब्लिक के लिए ये क्या करेंगे।
-रामदयाल सिंह निवासी, पभात
Ãजो पेपर जरनैल सिंह मेरे पास लेकर आया था। उस पर किसी जेई के साइन होने थे। मैंने कहा कि जेई के पास जाओ, उसके साइन होंगे। वह माना नहीं तो मैंने कहा अभी यहां से चले जाओ। इसी बात का इश्यू बनाकर यहां नारेबाजी हो रही है। कर्मचारियों ने क्या आरोप लगाए मुझे नहीं पता। एसडीओ को बताया गया कि कर्मचारियों ने भ्रष्ट्राचार के आरोप लगाए हैं। तब एसडीेओ ने कहा कि आरोप गलत हैं।
-नवजोत सिंह, एसडीओ कमर्शियल
यहां ठीक से नहीं होती सुनवाई
Ãमैंने नया मीटर अप्लाई किया है। यह मेरा चौथा चक्कर है। कोई सुनने वाला नहीं है। मुझे यह बताया जा रहा है कि हमारे पास मीटर की कमी है। एक महीने से मीटर लगने का इंतजार कर रहा हूं। यहां बेहद खराब हालत में पावरकाॅम है। पब्लिक की सुनवाई तो है ही नहीं।
-तरुण शर्मा
एसडीओ नवजोत के बारे में भाषण देते हुए सतपाल ने बताया कि यहां अगर आम पब्लिक अपने किसी काम से एक फाइल या पेपर पर साइन करने के लिए एसडीओ कमर्शियल के पास जाती है या काेई कर्मचारी जाता है तो उसका काम समय पर नहीं होता है। लेकिन, एसडीओ के पास एक साथ कई फाइलों का पुलिंदा जाता है। जैसे बिल्डर या किसी और का तो उसका काम हाथों हाथ होता है। इस तरह से यहां पूरा सिस्टम बिगाड़ा हुआ है। पब्लिक के लिए कुछ सुविधा नहीं है। न ही कर्मचारियों के लिए है।