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फ्लैट किराये पर देने से पहले करवानी होगी वेरिफिकेशन, नहीं तो दर्ज होगा केस

3 वर्ष पहले
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जीरकपुर में इस समय हजारों की संख्या में फ्लैट खरीदकर लोग किराये पर दे रहे हैं। उनमें कौन रह रहा है। इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। क्योंकि अधिकतर फ्लैट्स होल्डर किरायेदार की वेरिफिकेशन नहीं कराते। अपने स्तर पर जांच पड़ताल कर किराये पर दे देते हैं।

इससे पता नहीं चलता कि कौन क्या कर रहा है। क्रिमिनल है या नहीं। इसकी पूरी जानकारी नहीं मिलती है। खासकर फ्लैट्स में ऐसा हो रहा है। क्योंकि क्रिमिनल्स किसी घर में रहने के बजाए अपार्टमेंट्स में किराये पर रहना पसंद करते हैं। जीरकपुर पुलिस ने शहर में कुछ जगह पर किरायेदारों की चेकिंग की। एसएचओ पवन ने कहा कि शहर में अधिकतर लोग किरायेदार रखने पर उनकी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा रहे है। इसलिए पहले भी कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। अब आगे भी ऐसा न करने पर केस दर्ज किए जाएंगे। यह पब्लिक की सुरक्षा के लिए है। अगर कोई ऐसा संदिग्ध व्यक्ति यहां किराए किसी अपार्टमेंट में रहता हो। उसके बारे में पता नहीं तो यह पब्लिक के हित के लिए ठीक नहीं है। वहीं पब्लिक का कहना है कि केस दर्ज करने से पहले पुलिस को यहां वेरिफिकेशन के लिए सहुलियत ताे दे। जीरकपुर से 8 किलोमीटर दूर मुबारकपुर में पुलिस सेवा केंद्र है। वहां लोगों को वेरिफिकेशन के लिए जाना पड़ता है।

8 किलोमीटर दूर है सेवा केंद्र

हम भी चाहते हैं कि किसी गलत आदमी को किराये पर फ्लैट न दें। पर इसके लिए कुछ तो पुलिस की ओर से सुविधा होनी चाहिए। किरायेदार की पुलिस वेरिफिकेशन न कराने के लिए पब्लिक जिम्मेदार नहीं है। क्यों कि यहां जीरकपुर में पुलिस वेरिफिकेशन के लिए पुलिस ने कोई सिस्टम ही नहीं रखा है। यहां से करीब 8 किलोमीटर दूर मुबारिकपुर में पुलिस का सेवा केंद्र है। वहीं वेरिफिकेशन होती है। इतना बड़ा शहर है। यहां वारदात होती है तो यहीं पुलिस वेरिफिकेशन होने चाहिए। -अंकित शर्मा, निवासी वीआईपी रोड

सिटी रिपोर्टर | जीरकपुर

जीरकपुर में इस समय हजारों की संख्या में फ्लैट खरीदकर लोग किराये पर दे रहे हैं। उनमें कौन रह रहा है। इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। क्योंकि अधिकतर फ्लैट्स होल्डर किरायेदार की वेरिफिकेशन नहीं कराते। अपने स्तर पर जांच पड़ताल कर किराये पर दे देते हैं।

इससे पता नहीं चलता कि कौन क्या कर रहा है। क्रिमिनल है या नहीं। इसकी पूरी जानकारी नहीं मिलती है। खासकर फ्लैट्स में ऐसा हो रहा है। क्योंकि क्रिमिनल्स किसी घर में रहने के बजाए अपार्टमेंट्स में किराये पर रहना पसंद करते हैं। जीरकपुर पुलिस ने शहर में कुछ जगह पर किरायेदारों की चेकिंग की। एसएचओ पवन ने कहा कि शहर में अधिकतर लोग किरायेदार रखने पर उनकी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा रहे है। इसलिए पहले भी कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। अब आगे भी ऐसा न करने पर केस दर्ज किए जाएंगे। यह पब्लिक की सुरक्षा के लिए है। अगर कोई ऐसा संदिग्ध व्यक्ति यहां किराए किसी अपार्टमेंट में रहता हो। उसके बारे में पता नहीं तो यह पब्लिक के हित के लिए ठीक नहीं है। वहीं पब्लिक का कहना है कि केस दर्ज करने से पहले पुलिस को यहां वेरिफिकेशन के लिए सहुलियत ताे दे। जीरकपुर से 8 किलोमीटर दूर मुबारकपुर में पुलिस सेवा केंद्र है। वहां लोगों को वेरिफिकेशन के लिए जाना पड़ता है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं केस

पिछले साल पुलिस ने एक वारदात के बाद यहां पुलिस वेरिफिकेशन के लिए ऋषि अपार्टमेंट के एक फ्लैट मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था। उससे पहले बलटाना की एकता विहार कॉलोनी में एक मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस तब ही यह कार्रवाई करती है। जब यहां कोई वारदात होती है। अब रविवार को यहां अनंता होम्स में चार घरों में चोरी हुई। गन दिखाकर चोर वहां से चले गए। इसके बाद पुलिस को अब वेरिफिकेशन की याद आती है। इस काम को रुटीन में करें तो यह लोगों की जिम्मेदारी बन जाएगी। -मनोहर वर्मा निवासी गाजीपुर

इस लिए जरूरी है वेरिफिकेशन

जीरकपुर में रोजाना नए लोग रहने के लिए आ रहे हैं। कोई घर या फ्लैट खरीदकर यहां रहने आ रहा है तो कोई यहां बने अपार्टमेंट्स में किराए पर रहने के लिए आ रहा है। यहां बन चुकी और बन रही रेजिडेंशियल कॉलोनियां, अपार्टमेंट में लगातार नए लोग आ रहे हैं। इस कारण पुलिस के लिए यहां वेरिफिकेशन जरुरी हो गया है। हो सकता है कि यहां कोई वारदात करने के बाद रहने आया हो।

यहां जितनी भी सोसायटीज या अपार्टमेंट्स हैं। पुलिस उनमें चेकिंग कर रही है। इसलिए उनके ओनर्स को किरायेदारों की वेरिफिकेशन कराना जरुरी है। पुलिस विभाग ने मुबारकपुर में सेवा केंद्र में पूरा सिस्टम रखा है। वहां पूरा स्टाफ रखा है। -एसएचओ पवन कुमार

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