• Home
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • Zirakpur
  • नगर परिषद में एमसी प्रधान और अफसर पब्लिक के हित में नहीं कर रहे काम
--Advertisement--

नगर परिषद में एमसी प्रधान और अफसर पब्लिक के हित में नहीं कर रहे काम

जीरकपुर नगर परिषद पिछले एक साल से सरकार पर बोझ बनी है। बोझ इसलिए बनी है कि सरकार का यहां की एमसी को चलाने में हर...

Danik Bhaskar | May 30, 2018, 02:05 AM IST
जीरकपुर नगर परिषद पिछले एक साल से सरकार पर बोझ बनी है। बोझ इसलिए बनी है कि सरकार का यहां की एमसी को चलाने में हर महीने लाखों रुपए खर्च होते है। यह रकम इसलिए कि पब्लिक के हित के लिए काम हो सकें।

एमसी प्रधान, 30 पार्षद, एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, एसडीओ ये पूरी टीम पब्लिक के हित के लिए काम नहीं कर पा रही है। यहां हर महीने लाखों रुपए की सैलरी, बिजली का बिल और अन्य खर्चे इसलिए सरकार देती है कि पब्लिक के लिए काम किए जाएं, लेकिन पब्लिक के लिए कुछ नहीं हो रहा है। इसलिए शहर की जनता हताशा में है। इस टीम में एक भी अफसर या पब्लिक का नुमाइंदा अपनी काबिलियत कोई भी काम करने की शुरुआत करने की क्षमता नहीं रखता है। शहर के जो लोग यहां अपनी समस्याओं को लेकर एमसी प्रधान या इन अफसरों के पास जाते हैं उनको निराशा ही हाथ लगती है।

दो दिन बाद एमसी हाउस मीटिंग के लिए एक भी एजेंडा नहीं तय: दो दिन बाद एमसी की हाउस मीटिंग होनी है। इस मीटिंग में शहर की पब्लिक के हित के लिए एक भी एजेंडा तैयार करके शामिल नहीं किया गया है। एक भी विकास के काम को करने का प्रस्ताव नहीं रखा गया है। कोई नया काम करने की बात तो दूर। शहर में जिन परेशानियों का सामना कर पब्लिक रोजाना परेशान हो रही है। उस पर भी कोई जिक्र नहीं हो रहा।

एमसी के प्रधान कुलविंदर सोही और अफसरों से बातचीत

मंगलवार को एमसी प्रधान कुलविंदर सोही के कमरे में एक्सईएन विनय महाजन, ईओ मनवीर सिंह गिल, एसडीओ सुखविंदर सिंह मौजूद थे। सोही से पूछा गया कि रविवार रात को ढकौली की पाइन होम्स कॉलोनी के बाहर सड़क पर रेहड़ी लगाने वाले ने एक युवक पर हमला कर दिया। युवक वहां रेहड़ी हटाने के लिए कह रहा था। पूरे शहर में रेहड़ी फड़ियों की भरमार है। आपकी पूरी टीम यहां पर मौजूद है। पूरे शहर को कंट्रोल करने वाले आप लोग इस काम को क्यों नहीं कर रहे। शहर में रेहड़ियां क्यों नहीं हट रही हैं। लोग ट्रैफिक जाम में फंस रहे हैं। एंबुलेंस तक को निकलने की जगह नहीं मिलती। शहर में कई जगहों पर पानी को लेकर लोग तंग हैं। पानी नहीं मिल रहा है। बिजली के अघोषित कटों से पब्लिक बेहाल है। अवैध कॉलोनियों के लिए पानी और सीवरेज के कनेक्शन बिना फीस जमा किए लग रहे हैं। इनको रोका नहीं जा रहा है। कही कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

कुलविंदर सोही का जवाब- पानी की जीरकपुर में कहीं कमी नहीं है। लोगों को सब्र नहीं है। दो महीने कुछ परेशानी रहेगी। उसके बाद मौसम ठंडा हो जाएगा तो पानी की समस्या भी दूर हो जाएगी।

अफसरों की ओर से कोई जवाब नहीं : मीटिंग में मौजूद ईओ मनवीर सिंह गिल, एसडीओ सुखविंदर सिंह ने इन बातों को एक कान से सुना दूसरे से निकाल दिया। इन दोनों अधिकारियों को पता है कि शहर में एन्क्रोचमेंट पब्लिक के लिए सिरदर्द बनी हुई है।

शहर की कॉलोनियों में पानी न आने से लोग गर्मी में बहुत तंग-परेशान हैं। इसके बाद सुखविंदर सिंह ने एक फोन करके अपने जूनियर को कहा कि पंचकूला रोड पर हो रहे अवैध निर्माण करने वाले का सामान उठा दो।

पब्लिक के मन की बात... हमारी कॉलोनी में पानी के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं, लेकिन इसके बाद भी न तो ठेकेदार सुनता है और न ही एमसी का अधिकारी। हम एमसी प्रधान को भी मिले पर कोई हल नहीं हो रहा है।

बिजली-पानी न आने से दिक्कत...वैशाली एनक्लेव के रहने वाले सुरिंदर सिंह ने कहा कि बिजली नहीं होती है तो पानी नहीं अाता। न तो बिजली न पानी ऐसी बुरी हालत हो गई जीरकपुर में रहने वाले लोगों की। यहां की एमसी पूरी तरह फेल हो चुकी है। पब्लिक के लिए कोई काम नहीं करती है।

कोई एजेंडा तय करो, एमसी में प्रस्ताव पास करो और फंड मैं लाकर दूंगा: जीरकपुर एमसी में बैठा एमसी प्रधान और इनकी टीम कहीं भी पब्लिक के लिए कोई काम करना नहीं चाहते हैं। अगर ये फंड न होने का बहाना बना रहे हैं तो बताएं कि कितना फंड चाहिए। सरकार से मैं लाकर दूंगा। लेकिन पब्लिक के हित के लिए कोई प्रस्ताव तो पास करें। -मनप्रीत सिंह बनी संधू