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रेलवे अंडरपास 3 साल से लटका, गवर्नर बदनोर के दरबार में पहुंचे रेजिडेंट्स

चंडीगढ़ प्रशासन का इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट रायपुरकलां-हरमिलाप नगर रेलवे क्रॉसिंग नंबर 123 (चंडीगढ़-अंबाला रेल...

Danik Bhaskar | Jun 21, 2018, 02:05 AM IST
चंडीगढ़ प्रशासन का इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट रायपुरकलां-हरमिलाप नगर रेलवे क्रॉसिंग नंबर 123 (चंडीगढ़-अंबाला रेल सेक्शन) पर अंडरपास बनाने के काम में करीब तीन सालों से कोई न कोई बहाना बनाकर अड़चनें डाल रहा है। यह शिकायत लेकर बुधवार को बलटाना के रेजिडेंट्स की जॉइंट एक्शन कमेटी के पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पंजाब के गवर्नर वीपी बदनोर के पास पहुंचा।

कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह राणा ने राज्यपाल को बताया कि उत्तर रेलवे ने चंडीगढ़ प्रशासन को 14 अगस्त 2015 को रेलवे फाटक की जगह अंडरपास बनाने की प्रपोजल और ड्राइंग भेजी थी। उसके बाद 17 दिसंबर 2017 को चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के अफसरों की इंटरस्टेट मीटिंग में इसे मंजूर भी कर दिया गया। इस मीटिंग के बाद चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया। तीनों प्रदेशांे के अधिकारियों को इसमें इसलिए शािमल किया गया, क्योंकि जिस जगह अंडरपास बनना है, उसका कुछ हिस्सा पंजाब, कुछ चंडीगढ़ तो कुछ हरियाणा में आता है। अफसरों ने विजिट के बाद पब्लिक को बताया था कि जल्द ही जमीन एक्वायर करने की कार्रवाई होगी। उसके बाद अंडरपास बनाने का टेंडर दे दिया जाएगा। सब कुछ फाइनल होने के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने ड्राइंग में गड़बड़ी बताकर जमीन एक्वायर करने का काम लटका रखा है। इस बारे में सब डिवीजन नंबर-4, यूटी के एसडीओ प्रेमपाल का कहना है कि अंडरपास को लेकर अफसरों की विजिट हो चुकी है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम होगा। गवर्नर ने आश्वासन दिया कि इस मसले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे क्रॉसिंग की जगह अंडरपास जल्द बना दिया जाएगा। उधर, इस मामले को जीरकपुर एमसी के अफसर भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

36 काॅलोनियों के लोग प्रभावित

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि फाटक के कारण बलटाना की 36 कॉलोनियों के करीब एक लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। रोज सुबह-शाम फाटक पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में लोगों को फंसे रहना पड़ता है। जब से चंडीगढ़-अंबाला रेल लाइन को डबल बनाया गया है, तब से फाटक पर जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।