आग को हल्के में न लें यह जब भीषण रूप लेती है तो बचाव है मुश्किल
फायर स्टेशन डेराबस्सी की टीम ने रविवार को डेराबस्सी से लेकर जीरकपुर तक रैली निकाली। यह रैली अग्नि सुरक्षा दिवस को लेकर निकाली गई। राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को आग से बचाव के बारे में डेमो देकर जानकारी दी गई। इसमें फायर टेंडर शामिल किए गए थे। रास्ते में लोगों को डेमो देकर आग से बचाव के तरीके बताए। फायर स्टेशन की टीम में मनजीत सिंह, कौर सिंह बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, अनिल कुमार, राजीव कुमार, अमृतपाल सहित अन्य स्टाफ ने यहां जीरकपुर बस टर्मिनल पर फायर सेफ्टी के बारे में डेमो दिया और आग से बचाव की पूरी जानकारी दी। मनजीत सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल को अग्नि सुरक्षा दिवस मनाते हैं। इसी के साथ राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा सप्ताह शुरू होता है।
आग से बचाव के तरीके बताए... मनजीत सिंह ने कहा कि घर पर आग लगने का एक बड़ा कारण घर के अंदर मंदिर की ज्योत होती है इसलिए इसको सुरक्षित तरीके से जलाएं। बीड़ी-सिगरेट पीने वाले जली सिगरेट या बीड़ी फेंक देते हैं। उससे भी आग लगती है। इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी के कपड़ों में आग लग जाए तो वो भागे नहीं, बल्कि एक बड़ा मजबूत कपड़ा ओढ़ लें और जमीन पर लेट जाएं। क्योंकि भागने से आग को ऑक्सीजन अधिक मिलेगी और उससे आग तेजी से भड़केगी। एलपीजी गैस सिलेंडर में यदि आग लगे तो उसे पानी के किसी बर्तन में डाल दें। शार्ट सर्किट होने पर तुरंत मेन लाइन की तार काट दें। यदि किसी घर में आग लगती है तो ऐसा कमरा देखें, जिसमें बाहर की ओर खिड़की खुलती हो। परिवार के सभी सदस्यों को उस कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर लें। खिड़की में से या तो मदद के लिए बुलाएं या चादरों को आपस में बांधकर खिड़की से नीचे उतरने का प्रयास करें। यदि आग लग जाए तो घुटनों के बल चलकर बाहर निकलें।
डेराबस्सी में फायर कर्मियों ने की मॉक ड्रिल
मुंबई बंदरगाह में शहीद दमकल कर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि
डेराबस्सी | डेराबस्सी फायर ब्रिगेड की टीम ने फायर सेफ्टी वीक मनाते हुए रविवार को लोगों को आग की घटना से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इस मौके फायर अफसर मनजीत सिंह की अगुवाई में डेराबस्सी दफ्तर से जीरकपुर बस स्टैंड तक रोड शो भी किया गया। इस दौरान आग की बढ़ रही घटनाओं से बचाव के लिए एक मॉक ड्रिल भी की गई। मनजीत सिंह ने बताया कि फायर सेफ्टी वीक 14 से 20 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। इसके अलावा मुंबई बंदरगाह में 800 लोगों की मौत हुई थी और 50 फायर कर्मी शहीद हुए थे, उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यहां कौर सिंह, एसएफओ बलजीत सिंह, एसआरओ राजीव कुमार, सुखदेव सिंह, अनिल कुमार, राजिन्द्र कुमार, अमृतपाल सिंह, जसप्रीत सिंह, सुरजीत सिंह व अन्य शामिल रहे।