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मोहल्ले वालों ने एक परिवार पर लगाया तंग करने का आरोप

जीरकपुर के पंचशील एनक्लेव की एक गली। जिसमें दो दर्जन करीब घर है। इमने से एक परिवार पूरे मोहल्ले की आंख को खटक रहा...

Danik Bhaskar | May 28, 2018, 02:10 AM IST
जीरकपुर के पंचशील एनक्लेव की एक गली। जिसमें दो दर्जन करीब घर है। इमने से एक परिवार पूरे मोहल्ले की आंख को खटक रहा है। इसी परिवार के खिलाफ करीब दर्जन भर परिवारों ने मोहल्ले की सड़क पर जाम लगाया। करीब एक घंटे तक ये लोग सड़क पर बैठ गए। किसी को आने-जाने नहीं दिया। हालांकि बी रोड होने की वजह से ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ।

इन लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस उस परिवार पर केस दर्ज नहीं कर रही है। आज सुबह उस परिवार की महिला ने पड़ोसी के घर पत्थर फेंके हैं। पंचशील एन्क्लेव के विजय दत्ता ने अमरजीत सिंह, विशाल, जगदीप मेहता, प्रीतम सिंह, मलकीत सिंह, गुरजीत सिंह, लोकेश व शालू देवी ने पुलिस के खिलाफ नोरबाजी की।

ये कहा जीरकपुर थाने के एसएचओ पवन कुमार ने: महिला की अपने मोहल्ले के लोगों के साथ लंबे समय से तकरार चल रही है। एक साल पहले महिला और उसके परिवार के खिलाफ एक घर में दाखिल होकर मारपीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें वह जेल भी रहकर आई है। उन्होंने कहा कि अब फिर से उसकी मोहल्ला निवासियों से तकरार हो गई है, इसलिए मामला बढ़ गया है।

ये लगाया आरोप: उक्त लोगों का कहना है कि एक परिवार पूरे मोहल्ले को परेशान कर रहा है, पुलिस इस परिवार पर कार्रवाई नहीं करती। वहीं दूसरी ओर आरोपी परिवार ने रो-रोकर कहा कि क्या एक परिवार के चार सदस्य पूरे मोहल्ले को परेशान कर सकते हैं। हम खुद कैदी की तरह ही घर के अंदर रहने पर मजबूर हैं।

मालती ने कहा कि मोहल्ले से परेशान होकर मैं जीना नहीं चाहती। बस परिवार के लिए जी रही हूं। दिसंबर,2017 में इन झगड़ों से परेशान होकर जहरीली वस्तु भी निगल ली थी और जीएमसीएच-32 में भी रही।

परिवार रो-रोकर घर के अंदर ही दुबका रहा... कहां पूरा मोहल्ला और कहां एक परिवार। बड़ा अंतर होने के कारण मकान नंबर 24 सी में रहने वाली मालती राउत का परिवार जिसमें उसका पति और दो बेटे हैं। चारों घर के अंदर दुबके रहे। मालती के पति प्रशांत राउत ने बताया कि दो साल से पूरा मोहल्ला उनका दुश्मन बना है। यहां एक विवाहिता से उसके परिवार वाले अच्छा सलूक नहीं कर रहे थे। उसका साथ देने के बाद यह स्थित बनी है। यहां उसके परिवार की हालत नर्क में रहने जैसे हो गई। मोहल्ले वाले उनका यहां रहना पिछले दो साल से पसंद नहीं करते।