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पावर कट लगने से लोग न तो रात को चैन से सो पा रहे, न दिन में कर पा रहे अपने काम

जीरकपुर शहर की जनता बिजली के अनशेड्यल कट लगने के कारण पूरे मई गर्मी से झुलसती रही। बाहर तेज धूप में तपने के बाद राहत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 02, 2018, 02:10 AM IST

पावर कट लगने से लोग न तो रात को चैन से सो पा रहे, न दिन में कर पा रहे अपने काम
जीरकपुर शहर की जनता बिजली के अनशेड्यल कट लगने के कारण पूरे मई गर्मी से झुलसती रही। बाहर तेज धूप में तपने के बाद राहत के लिए अपने घरों और ऑफिसेज में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत जीरकपुर में बिजली सिस्टम को सुधारने के लिए 7 करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं, लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है। इसमें 1100 नए पोल्स की लाइनें, 150 किलोमीटर तारें, 30 नए ट्रांसफार्मर, नई केबल्स डाली जानी हैं। लेकिन काम होता कहीं नजर नहीं आ रहा है।

सेंटर ने दिया फंड, पर तेजी से नहीं हो रहा काम: जिस तरह से पावरकाम के अधिकारी इस मामले को ले रहे हैं। इससे साफ है कि उनकी मंशा लोगों को गर्मी में इसी तरह से परेशान देखने की लगती है।

पावरकाम के एक्सईएन एनएस रंगी को लोगों ने अब तक शहर में किसी भी फील्ड में चेकिंग करते नहीं देखा है। अफसरों को चेक करना चाहिए कि पावर कट क्यों लग रहे हैं। जबकि पंजाब सरकार अन्य राज्य और दूसरे देशों को बिजली देने की बातें कर रही है।

पुरानी हो चुकी पोल्स वायरिंग और डैमेज हैं ट्रांसफार्मर

शहर के ज्यादातर एरिया के पाेल्स पर लगी तारें पुरानी हैं। दर्जनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। किसी में तेल खत्म है। डैमेज हालत में इनको चलाया जा रहा है। इसलिए जरा सा लोड बढ़ता है तो कहीं केबल टूट जाती है, कहीं ट्रांसफार्मर जवाब दे जाता है। इनको बदलने के बाद ही यहां बिजली सप्लाई सुधरेगी। जबकि ऐसा अभी नहीं हो रहा है। जीरकपुर में पावर सप्लाई में सुधार का दावा कर खुद की पीठ को थपथपाने वाले पावरकाम के अधिकारियों को पता ही नहीं कि शहर में कितने ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। फील्ड में लाइनों पर काम करने वाले लाइनमैन ने बताया कि यहां रोजाना रात हो या दिन में लगातार अनशेड्यूल्ड कट्स लगने के पीछे का कारण ही यही है।

ये कहा शहर के लोगांे ने -

यहां कब बिजली चालू होगी कब बंद, इसका पता नहीं चलता। हालात बेहद खराब हैं। रात 12 बजे सप्लाई बंद हो गई। तब सुबह 4 बजे सप्लाई बहाल हो पाई है। लोग गर्मी से परेशान हो रहे हैं। हर किसी के बस में नहीं कि वे इनवर्टर ले सकें। -प्रदीप कुमार शर्मा

वीरवार दिन में कई घंटे सप्लाई बंद रही। रात यहां 12 बजे के बाद बिजली गुल हो गई, जो सुबह 4 बजे बहाल हुई। कई कॉलोनियों में बिजली सप्लाई और कटौती हो रही है। एसडीओ का बयान आया था कि बलटाना में पावर कट नहीं लगे। लेकिन यहां रोजाना कई घंटे बिजली गुल हो रही है। इसका जवाब दें। आखिर क्यों सिस्टम ठीक नहीं कर पा रहे है। इससे कारोबार भी ठप हो रहा है। -सुरेश सिंगला

पंचकूला रोड पर रात 11 बजे से लेकर 2 बजे तक बिजली बंद रही। यहां लोग रात को बिजली बंद होने की शिकायत लेकर ढकौली गए। वहां भी कोई नहीं मिला। गर्मी में लोगांे की जान निकल रही है। बच्चों और बुजुर्गों का बिजली न होने से और बुरा हाल है।

-रमेश गोयल

फैक्ट फिगर्स

बिजली का संकट जीरकपुर में ही पैदा हो गया है। यहां बिजली होने के बाद भी लोगों तक इसलिए नहीं पहुंच पाती कि यहां बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहद कमजोर है। इनमें बिजली की तारें पुरानी हो चुकी हैं। जो लोड सहन नहीं कर पाती। यहीं हाल ट्रांसफार्मरों का है।

दो सब स्टेशन काफी नहीं इतने बड़े शहर के लिए, यहां 74 हजार करीब बिजली उपभोक्ता हैं। इसके लिए यहां कम से कम 5 सब स्टेशन चाहिए तब यहां बिना कटौती बिजली दी जा सकेगी।

बिजली की लाइनों में मामूली खराबी से भी लोगों को घंटों तक बिजली नहीं मिलती। इसके पीछे का कारण यह कि मेंटेनेंस करने के लिए कर्मचारी कम हैं। पावरकाम में बिजली लाइनों पर काम करने वाले पक्के कर्मचारी जेई लाइनमैन, असिस्टेंट लाइनमैन 30 भी पूरे नहीं हैं। इनकी मदद के लिए ठेकेदार के जरिए रखे गए कर्मचारियों को इस काम की पूरी नॉलेज नहीं है।

बिजली सप्लाई में काफी सुधार किया गया है। अब कुछ जगहों पर जो परेशानी आ रही है उसे साथ ही ठीक किया जा रहा है।

-रोहित कुमार, एसडीओ पावरकॉम

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