• Hindi News
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • Zirakpur
  • छतबीड़ जू के पास डैम हुआ तैयार, रोड क्राॅसिंग व छोटी नहरों को साल के अंत तक जोड़ा जाएगा
विज्ञापन

छतबीड़ जू के पास डैम हुआ तैयार, रोड क्राॅसिंग व छोटी नहरों को साल के अंत तक जोड़ा जाएगा

Dainik Bhaskar

Jun 24, 2018, 02:10 AM IST

Zirakpur News - छतबीड़ जू के पिछले हिस्से में घग्गर नदी पर बनूड़ परियोजना नाबार्ड द्वारा जारी किए गए 75.5 करोड़ की लागत से डैम तैयार...

छतबीड़ जू के पास डैम हुआ तैयार, रोड क्राॅसिंग व छोटी नहरों को साल के अंत तक जोड़ा जाएगा
  • comment
छतबीड़ जू के पिछले हिस्से में घग्गर नदी पर बनूड़ परियोजना नाबार्ड द्वारा जारी किए गए 75.5 करोड़ की लागत से डैम तैयार किया गया है। इसके साथ ही करीब 36 किलोमीटर लंबी ड्रेन भी बनकर तैयार है। लेकिन, अभी भी इससे इस रीजन के तीन हलकों के सवा सौ गांवों के हजारों किसानों को घग्गर नदी का पानी इस साल के अंत तक मिलने की उम्मीद है। मेन कैनाल के साथ जुड़ने वाली छोटी नहरों को जोड़ने का काम अभी बाकी है। साथ ही कैनाल के उपर कई जगहों पर रोड क्राॅसिंग का काम भी होना है।

यह डैम और इससे जुड़ी कैनाल से घग्गर नदी का पानी सिंचाई के लिए अब तक किसानों को मिल जाना था। लेकिन, बीच में पंजाब सरकार बदलने के बाद इसके काम में देरी हुई है। अब जो बाकी का काम है, वह कुछ दिन में शुरू होने की बात की जा रही है। गांव छत के समीप बने बनूड़ वियर प्रोजेक्ट का सिंचाई के लिए लाभ सैकड़ों किसानों को मिलना है।

सिंचाई विभाग के कैनाल विंग ने यह दावा किया है कि तीन हिस्सों में बंटे इस प्रोजेक्ट के तहत घग्गर पर दस वाट गेट्स वाला डैम गाइड बैंक का निर्माण पूरा हो चुका है। सिर्फ बनूड़ कैनाल पर छोटी नहरों को जोड़ने का काम बाकी है। इस माॅनसून में इसे पूरा करने की काेशिश है। बाकरपुर छत के बीच घग्गर नदी पर उक्त बनूड़ परियोजना नाबार्ड द्वारा जारी 75.5 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत डैम की मार्फत पानी डायवर्ट कर अपस्ट्रीम के गांवों के लिए वाटर रिजर्वेयर से बनूड़ कैनाल में छोड़ने का परमानेंट प्रबंध किया जा रहा है। इसका विरोध भी किया गया था।


-हरदर्शन सिंह बजाज, एसडीओ इरिगेशन विभाग पंजाब

66 गावों के सैंकड़ों किसानों ने किया था इसका विरोध...

कुछ साल पहले घग्गर नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तीन विधानसभा हलके डेराबस्सी, बनूड़ घन्नौर के तहत 66 गांवों के सैकड़ों किसानों ने छतबीड़ के पास बन रहे इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था और कई बार काम भी जबरन रोक दिया था। उनका एतराज था कि डैम बनने से घग्गर की डाउनस्ट्रीम के 66 गांवों के लिए पानी नहीं बचेगा और वे पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। बाद में यही सहमति बनी कि डाउनस्ट्रीम में बसे गांवों को महीने में पूरे बीस दिन 200 क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा जाएगा। जबकि, 10 दिन 100 क्यूसिक पानी उन्हें हर हाल में मिलेगा। इन दस दिनों में बाकी 100 क्यूसिक पानी बनूड़ कैनाल पर निर्भर 60 गांवों के लिए छोड़ा जाएगा।

60 गावों को होगा फायदा

घग्गर का पानी छत से एक ड्रेन के जरीये बनूड़ कैनाल में छोड़ा जाता रहा है, जो आगे करीब 60 गांवों में सिंचाई का स्रोत बनता है। पानी डायवर्ट करने के लिए हर साल अक्टूबर में सरकार 25 से 30 लाख से मिट्टी का कच्चा बंाध बनाती थी, जो बारिश में बह जाता है। यह खर्च रोकने के लिए रुकावट (वियर) बनूड़ प्रोजेक्ट 27 करोड़ से 2007 में शुरू हुआ। बाद में इसका काम 2017 में जाकर पूरा हुआ। इसकी लागत 75.5 करोड़ की गई।

X
छतबीड़ जू के पास डैम हुआ तैयार, रोड क्राॅसिंग व छोटी नहरों को साल के अंत तक जोड़ा जाएगा
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन