Hindi News »Chandigarh Zilla »Mohali »Zirakpur» गोल्डन इस्टेट के रेजिडेंट्स नेे एमसी को लिखा लेटर, कहा- नहीं ठीक हुई पानी की निकासी

गोल्डन इस्टेट के रेजिडेंट्स नेे एमसी को लिखा लेटर, कहा- नहीं ठीक हुई पानी की निकासी

गोल्डन इस्टेट के लोगों के लिए हरेक साल बारिश का महीना मुसीबतें लेकर आता है। हालत इतने खराब होते हैं कि बेडरूम पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 28, 2018, 02:10 AM IST

  • गोल्डन इस्टेट के रेजिडेंट्स नेे एमसी को लिखा लेटर, कहा- नहीं ठीक हुई पानी की निकासी
    +1और स्लाइड देखें
    गोल्डन इस्टेट के लोगों के लिए हरेक साल बारिश का महीना मुसीबतें लेकर आता है। हालत इतने खराब होते हैं कि बेडरूम पर पानी के सांप बहकर आते हैं। अंदर रखा सामान भी खराब हो जाता है। कीमती फर्नीचर तक अब यहां के लोगों ने लेना बंद कर दिया। बुधवार को यहां इसी सिलसिले में गोल्डन इस्टेट के रेजिडेंट्स ने मीटिंग की। लोगांे में आने वाले दिनों में बारिश के पानी से होने वाले नुकसान को लेकर डर बैठा हुआ है। यहां के रेजिडेंट्स रविंदर कुमार, दत्ताराम, सीताराम धीमान, भगत सिंह, प्रेम, महिंदर धीमान और अन्य लोगों ने जीरकपुर एमसी को लेटर भी लिखकर भेजा है कि हमारे साथ हर बारिश में जो होता है। वह आपको नजर क्यों नहीं आता है। पिछले साल यहां लाखों रुपए का सामान पानी में खराब हो गया। लोगों ने कहा कि पानी भरने से एक व्यक्ति की यहां मौत हो चुकी है। करंट लगने के बाद अब सांप के डसने का एमसी इंतजार कर रही है। पंचकूला की ओर से आने वाले पानी का इस साल भी कोई इंतजाम नहीं है।

    रेजिडेंट्स ने नगर परिषद पर लगाया आरोप, कहा- 15 सालों में नहीं कर सके इंतजाम

    जीरकपुर एमसी पूरी तरह से जिम्मेदार

    सेक्टर-19 से बलटाना की गोल्डन इस्टेट की तरफ यहां नाला बहता है। पंचकूला की ओर से जब पानी ज्यादा आता है, तो यहां घरों में पानी भर जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि यहां पर करीब एक किलोमीटर में नाले को पूरी तरह से जमीन के अंदर कर दिया गया है। नाले के कुदरती स्वरूप को तो बदला है, पर निकासी का दायरा तंग कर दिया गया है। लोगांे का कहना है कि यहां कभी नाला खुले में बहता था। जीरकपुर एमसी के उस समय के अधिकारियों ने नाले के उपर लेंटर डालने वालों पर कार्रवाई नहीं की।

    जीरकपुर एमसी पूरी तरह से जिम्मेदार

    सेक्टर-19 से बलटाना की गोल्डन इस्टेट की तरफ यहां नाला बहता है। पंचकूला की ओर से जब पानी ज्यादा आता है, तो यहां घरों में पानी भर जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि यहां पर करीब एक किलोमीटर में नाले को पूरी तरह से जमीन के अंदर कर दिया गया है। नाले के कुदरती स्वरूप को तो बदला है, पर निकासी का दायरा तंग कर दिया गया है। लोगांे का कहना है कि यहां कभी नाला खुले में बहता था। जीरकपुर एमसी के उस समय के अधिकारियों ने नाले के उपर लेंटर डालने वालों पर कार्रवाई नहीं की।

    पहले भी इस कॉलोनी में एक और व्यक्ति की करंट लगने से हो चुकी है मौत

    इस कॉलोनी में पानी जमा होने के बाद यहां एक घर में करंट लगने से कुछ साल पहले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं किया गया। इस मामले में जीरकपुर एमसी की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भी अच्छी खासी फजीहत हुई है।

    पहले भी इस कॉलोनी में एक और व्यक्ति की करंट लगने से हो चुकी है मौत

    इस कॉलोनी में पानी जमा होने के बाद यहां एक घर में करंट लगने से कुछ साल पहले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं किया गया। इस मामले में जीरकपुर एमसी की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भी अच्छी खासी फजीहत हुई है।

    पानी की निकासी का इंतजाम हर साल किया जाता है। इस बार भी कोशिश है कि किसी के घर में पानी न भरे।

    - मनवीर सिंह गिल, ईओ एमसी जीरकपुर

    पानी की निकासी का इंतजाम हर साल किया जाता है। इस बार भी कोशिश है कि किसी के घर में पानी न भरे।

    - मनवीर सिंह गिल, ईओ एमसी जीरकपुर

    ये थे पिछले साल के हालत

    माॅनसून की पहली तेज बारिश ने पिछले साल 12 जुलाई को बलटाना की गोल्डन इस्टेट के दर्जनों घरों में नुकसान पहुंचाया था। नुकसान भी कम नहीं। घरों के अंदर रखा लाखों का कीमती फर्नीचर, कपड़े, खाने-पीने का सामान और बच्चों की किताबें तक पानी में भीग गई थी। यहां के लोगांे का आरोप है कि करीब 15 साल पहले जीरकपुर एमसी के अधिकारियों ने पैसों के लालच में नालों के ऊपर की जगह तक के नक्शे पास कर इस कॉलोनी को बनाने वालों प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। अब वे मकान भी पानी से घिर रहे हैं, जो नालों की हद से दूर हैं। जिन लोगांे ने बाद में यहां घर खरीदे उनको पता ही नहीं चला कि यहां नाला भी था। यही पब्लिक अब यहां रो रही है।

  • गोल्डन इस्टेट के रेजिडेंट्स नेे एमसी को लिखा लेटर, कहा- नहीं ठीक हुई पानी की निकासी
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Zirakpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×