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15 साल से एक भी डाॅग की नहीं की गई स्टरलाइजेशन, कैसे होगा इसका समाधान

जीरकपुर एमसी स्ट्रे डॉग्स के मामले में इतनी संवेदनहीन हो गई है कि हर साल दर्जनों की संख्या में लोग इनका शिकार हो...

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 02:10 AM IST
जीरकपुर एमसी स्ट्रे डॉग्स के मामले में इतनी संवेदनहीन हो गई है कि हर साल दर्जनों की संख्या में लोग इनका शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी अफसरों ने आंखें बंद की हुई हैं। हालत इतने खराब हैं कि बच्चे इन डॉग्स के डर से घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बड़े भी सावधानी से चलते हैं। इसलिए कि पता नहीं किस ओर से स्ट्रे डॉग्स झपट्टा मार दे। ऐसा माहौल शहर की कई कॉलोनियों में बना हुआ है।

मार्डन एन्क्लेव में काटा था महेश को

यहां बलटाना की मार्डन एन्क्लेव में रहने वाले महेश सैनी को स्ट्रे डॉग्स ने काटा था। महेश अपने ही घर के पास पैदल जा रहे थे। इस कॉलोनी में इस समय 50 से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स हैं। महेश ने बताया कि अब इलाज के लिए रोजाना हॉस्पिटल जाना पड़ रहा है। यहां बच्चों ने घरों से बाहर जाना छोड़ दिया है। पता नहीं कब किस बच्चे को स्ट्रे डाॅग काट ले।

रेजिडेंट्स ने एमसी के अधिकारियों को लिखा लेटर

बुधवार को यहां रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने स्ट्रे डॉग्स को लेकर मीटिंग की। इसमें रेजिडेंट्स ने एमसी के अधिकारियों को लेटर लिखा व बाद में अधिकारियों से भी मिले। यहां के लोगों ने कहा कि अगर स्ट्रे डॉग्स यहां से नहीं हटे तो यकीनन जिस तरह से चंडीगढ़ में बच्चे को स्ट्रे डॉग्स का शिकार होना पड़ा है, उसी तरह से यहां भी हमारे बच्चों के साथ यह हादसा हो सकता है। इसलिए, एमसी के अधिकारियों को स्ट्रे डॉग्स को रेजिडेंशियल एरिया से दूर ले जाने के लिए काम करना चाहिए। मीटिंग में अमर सिंह, महेश सैनी, राममेहर सैनी, एसएस नारंग, राजीव गोयल, केएल शर्मा, एमआर सेठी, रघुवीर सिंह व अन्य ने कहा कि यहां 50 से अधिक डॉग्स घरों के आगे सड़क पर, कारों के नीचे और दीवारों पर बैठे होते हैं। जो लोग इनको खाना देते हैं। उनके भी चालान होने चाहिए। जो लोग डाॅग पाल रहे हैं, वे लाइसेंस लें। अपने घरों के अंदर कुछ भी रखें, पर सड़क पर न तो स्ट्रे डॉग्स और न ही पालतु डॉग्स ही नजर आने चाहिए।