• Home
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • Zirakpur
  • रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का कमर्शियल इस्तेमाल रोकने में नाकाम एमसी
--Advertisement--

रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का कमर्शियल इस्तेमाल रोकने में नाकाम एमसी

जीरकपुर नगर परिषद अब तक यहां घरों के अंदर दुकानें खोलने से रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है। इससे यहां उन लोगों को...

Danik Bhaskar | Jun 19, 2018, 02:10 AM IST
जीरकपुर नगर परिषद अब तक यहां घरों के अंदर दुकानें खोलने से रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है। इससे यहां उन लोगों को परेशानी हो रही है। जिन्होंने रेजिडेंशियल एरिया समझ कर घर खरीदे, पर अब वे परेशान हैं। घर के साथ घर हो तो ही माहौल अच्छा रहता है। यहां ढकौली की कृष्णा एनक्लेव के लोग सोमवार को शिकायत लेकर एमसी ऑफिस पहुंचे।

लोगों ने कहा कि घरां में दुकानों खोलकर चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। इससे यहां दुकानों के बाहर रुकने वाली ग्राहकों की गाड़ियों से ट्रैफिक जाम भी हो रहा है। यह सब जीरकपुर एमसी के अधिकारियों की सुस्ती का नतीजा है कि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है।

लाखों लगाकर खाली बैठे दुकानदार: जिन लोगांे ने कारोबार करने के लिए लाखों रुपए खर्च कर दुकानें खरीदी। सामान पर पैसा लगाया वे बेकार बैठे हैं। क्योंकि की हरेक घर के आसपास किसी ने किसी घर में जरूरत के सामान को बेचने वाली दुकानें खुली हैं। ग्राहक बाजार तक पहुंचता नहीं है। घर के पास खुली दुकान से ही राशन व अन्य जरूरत की चीज खरीद लेता है। राशन, कपड़े, सब्जी, मनियारी और यहां तक कि क्रॉकरी व बर्तन भी घर में बनी दुकानों में बिक रहे हैं।

माहौल हो रहा खराब

ढकौली के लोग गुरदेव सिंह, हंसराज शर्मा, विनोद व अन्य कई ने कहा कि दुकानों के कारण रेजिडेंशियल एरिया में ट्रैफिक बढ़ रहा है। सामान खरीदने वाले ग्राहकों के अलावा यहां दुकानों को सामान की सप्लाई देने वाले ट्रक व अन्य गाड़ियाें के कारण घरों का माहौल खराब हो रहा है। सड़कें रेजिडेंट्स के लिए बनी हैं पर इन पर कमर्शियल व्हीकल चलने से लोगांे को परेशानी हो रही है। इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दो चार सालों में हालात ऐसे हो जाएंगे कि रेजिडेंशियल और कमर्शियल में कोई फर्क नहीं रहेगा।

चेकिंग नहीं है किसी भी प्रॉपर्टी की: जीरकपुर में लोग रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का इस्तेमाल दुकान, रेस्टोरेंट और अन्य तरह के कामों के लिए कर रहे हैं। जीरकपुर नगर परिषद अब तक यहां घरों के अंदर दुकानें खोलने से रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही। एमसी ऐसे निमाण पर कार्रवाई कर रही है जो रेजिडेंशियल के लिए पास किए गए पर उनका इस्तेमाल कारोबार के लिए किया जा रहा है। - विनय महाजन, एक्सईएन एमसी जीरकपुर

एमसी को रेवेन्यू का हो रहा नुकसान

मकान का नक्शा पास करने के लिए जीरकपुर एमसी को ज्यादा नक्शा फीस मिलती है। जबकि मकान के लिए कम मिलती है। यहां अगर सख्ताई होगी तो लोग रेजिडेंस और कमर्शियल में अंतर समझेंगे। लोग चाहते हैं कि यहां शहर सिस्टम से चले।