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करोड़ों से बने दो नेचर पार्कों की मेंटेनेंस न वन विभाग कर रहा न एमसी

जीरकपुर के लोगों की मांग पर पिछले साल यहां दो बड़े नेचर पार्क बनाए गए ताकि यहां के शहरवासियों को इनका फायदा हो।...

Danik Bhaskar | Jun 23, 2018, 02:10 AM IST
जीरकपुर के लोगों की मांग पर पिछले साल यहां दो बड़े नेचर पार्क बनाए गए ताकि यहां के शहरवासियों को इनका फायदा हो। पिछले साल करीब एक करोड़ से भी ज्यादा की लागत खर्च कर बलटाना और पीरमुछल्ला में दो नेचर पार्क बनाए गए। इनको बनाने के लिए जमीन वन विभाग ने दी। इन्हें बनाने के लिए फंड पंजाब सरकार ने गमाडा से यह रकम दी। दोनों ही बनकर तैयार हंै। अब पंजाब में सरकार बदल गई। उसके बाद इन दाेनों नेचर पार्क के भी दिन बदल गए। अब दिन प्रतिदिन इनकी हालत खराब होती जा रही है।

मेंटनेंस नहीं कर रहा कोई: इनकी मेंटनेंस न तो वन विभाग कर रहा है और न ही जीरकपुर एमसी। इस कारण दोनों ही पार्कों में पब्लिक ने जाना छोड़ दिया है। कम ही लोग यहां जा पा रहे हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी ये पब्लिक के काम नहीं आ रहे हैं। जीरकपुर एमसी ने इन दोनों पार्कोँ की मेंटनेंस का काम अपने हाथों में लेने के लिए अपने ही विभाग के डायरेक्टर को लेटर भेजा था, जिसे डायरेक्टर ने खारिज कर दिया। अब स्थिति यह है कि यहां न तो रात के समय लाइट जल रही है न इनमें चौकीदार रखे गए हैं और न ही इनमें पेड़ पौधों पर ध्यान दिया जा रहा है।

रात को अंधेरा पसर रहता है पार्कों में

बलटाना में करीब 15 एकड़ में बने पार्क मेें लोगांे ने आना कम कर दिया है। शाम होते ही यहां अंधेरा हो जाता है। सुबह के समय पौधों को पानी देने के लिए यहां आने वाले कुछ लोग अपनी ओर से प्रयास कर रहे हैं। न तो एमसी और न वन विभाग इनको देख रहा है। रात को यहां अंधेरे में शराबियों का अड्डा जम जाता है। यहां चौकीदार भी नहीं है। करोड़ों खर्च करने के बाद पब्लिक को क्या मिला। यह बेहद गंभीर विषय है। पब्लिक के हित के लिए इनकी देखरेख होनी चाहिए। -अशोक शर्मा

दोनों पार्कों की अनदेखी की जा रही है....

दोनों नेचर पार्क साल 2017 में बनाए गए। एक पार्क बलटाना के लोगों के लिए बनाया गया। यह चंडीगढ़ सीमा से सटे फॉरेस्ट लैंड पर बनाया गया। इसमें जॉगिंग ट्रैक और हट बनाई गई है। जो पेड़ हैं उनको सुरक्षित रखा गया। इसी तरह से पीरमुछल्ला में भी नेचर पार्क बनाया गया। यहां 25 एकड़ लैंड में यह पार्क बनाया गया। इन दोंनों की अनदेखी की जा रही है।

यह कहा एमसी प्रधान ने...

पिछले साल इन दाेनों पार्कों को बनाया गया। ये पब्लिक की डिमांड पर पब्लिक के हित के लिए बनाए गए हैं। इसके लिए वन विभाग को पंजाब सरकार ने एक करोड़ से ज्यादा की राशि दी। विधायक एनके शर्मा ने शहर की दो लाख से अधिक आबादी के लिए इनको बनवाया था। अब वन विभाग ही इनकी मेंटनेंस कर रहा था। वन विभाग ने हमें लिखा कि इन पार्कों की मेंटनेंस के लिए हमारे पास फंड नहीं है। इसलिए इन दोनों पार्कों को मेंटनेंस के लिए टेकओवर करो। इस काम को करने के लिए हमने लोकल बाॅडीज विभाग के डायरेक्टर को लिखा। उनकी ओर से इसको करने से इनकार कर दिया गया है। इसलिए इनकी मेंटनेंस नहीं हो रही है। जो लाइट्स यहां लगाई गई वे भी घटिया किस्म की लगी। जो एक साल में ही बंद हो गई। डायरेक्टर साहब को यहां आकर देखना चाहिए कि अगर इन दाेनों पार्कों की मेंटनेंस नहीं होगी तो इनमें लगे पेड़ पौधे सूख जाएंगे। पब्लिक को इनका नुकसान होगा।

-कुलविंदर सोही, एमसी प्रधान जीरकपुर