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िनजी फायदे के लिए नालों का दायरा समेटकर कर दिया तंग

जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो वह सुरक्षित कैसे रहेगा। ऐसा ही हाल यहां जीरकपुर मंे नालों को लेकर है। यहां नालों के...

Danik Bhaskar | Jun 16, 2018, 02:15 AM IST
जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो वह सुरक्षित कैसे रहेगा। ऐसा ही हाल यहां जीरकपुर मंे नालों को लेकर है। यहां नालों के कुदरती स्वरुप को पूरी तरह से मनमाने तरीके से तंग कर दिया गया है। जो नाले कभी 40 फुट तक की चौड़ाई वाली जगह से बहते थे। उनको 4 फुट की सीमेंट की ड्रेन में डालने की पूरी कोशिश है। इसीलिए यहां ढकौली की एमएस एनक्लेव में 5 दिनों तक पब्लिक गंदे पानी से झूझती रही। यह सब ड्रेनेज विभाग और जीरकपुर एमसी के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। अगर नहीं हो रहा है तो यह हाल क्यों है। यहां ढकौली में ओल्ड अंबाला रोड पर करीब दो किलोमीटर के दायरे में नाले का क्या हाल हो गया है। क्या यह ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को नजर नहीं आता है।

पानी का बहाव रुक रहा अवैध कब्जों से: ढकौली के दशेमश एनक्लेव में रहने वाले लेखक फूलचंद मानव की लंबे समय से शिकायत है कि उनके घर के पीछे किसी समय खुल नाला बहता था। पानी के बहाव में किसी प्रकार की रुकावट नहीं थी।

अब यहां नाले को मकानों के नीचे गायब कर दिया है। बिल्डर माफिया। जीरकपुर एमसी के अधिकारियों के सरक्षण और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों की सरपरस्ती में यह सब हुआ है। अगर इन सबके सरक्षंण में यह सब नहीं हुआ है तो मौके पर आकर बताएं कि यहां नाला कहां गया। यहां प्रशासन के कामों को देखकर पता चलता है कि अधिकारी किस स्तर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।

लापरवाही

एमएस एनक्लेव में सीवरेज जाम होने जैसे हालत हुए, ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस तरह के निर्माण को होने न दें

शहर का हाल सुधारने का जिम्मा किस पर


-कमल शर्मा, निवासी एमएस एनक्लेव


-कुलविंदर सोही, प्रधान एमसी जीरकपुर