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सीवर लाइन से जोड़ी जा रही थी रेन वॉटर की लाइन, विरोध में लोगों ने ईओ को घेरा

वीरवार को पभात एरिया के लिए रेन वाॅटर की लाइन डालने का काम चल रहा था। इस लाइन से रेन वाॅटर के डिस्पोजल का काम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 06, 2018, 02:15 AM IST

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    वीरवार को पभात एरिया के लिए रेन वाॅटर की लाइन डालने का काम चल रहा था। इस लाइन से रेन वाॅटर के डिस्पोजल का काम शिवालिक विहार की सीवर लाइन में जोड़ने की तैयारी थी। इस बात का जब शिवालिक विहार के लोगों को पता चला तो वह मौके पर पहुंचे गए और जीरकपुर एमसी के ईआे मनवीर सिंह गिल की गाड़ी घेर ली। जिसके बाद काफी हंगामा हुआ। जीरकपुर में एमसी ने बरसात के पानी को निकालने के लिए कोई प्लानिंग नहीं की। एक ओर शहर में 200 किमी से ज्यादा लंबी सीवरेज लाइनें डाली और दूसरी तरफ बारिश के दिनों में रेन वाॅटर के लिए अलग से पाइप लाइन नहीं बनाई गई। यह सब एमसी की लापरवाही का नतीजा है। अगर जीरकपुर का सीवरेज सिस्टम ठप हुआ तो करीब 50 हजार से ज्यादा घर प्रभावित होंगे। यहां सीवर लाइन बरसात में ब्लॉक हो सकती है। एमसी रेन वाॅटर और सीवरेज वाॅटर के डिस्पोजल सिस्टम को खुद ठप करने पर तुला है। बरसात में यहां सड़कों पर जमा पानी सीवरेज लाइनाें के आगे से निकलता है। यह सीवर लाइनोंं के लिए नुकसानदेह है। क्योंकि बरसात के पानी के हिसाब से यहां सीवर लाइनें नहीं बनाई गई। अगर सीवरेज के साथ रेन वाॅटर भी इन लाइनों छोड़ा गया तो शहर का सीवर सिस्टम जाम हो जाएगा।

    सीवरेज लाइन में सिर्फ घर के टाॅयलेट का ही कनेक्शन होना चाहिए। यहां तक कि किचन का पानी भी उसमें नहीं जाना चाहिए। रेन वाॅटर के लिए अलग से पाइप लाइन या ड्रेन बनाने काम होता है। रेन वाॅटर लाइन ज्यादा बड़ी होती है। ताकि उसमें बारिश का अधिक से अधिक पानी जल्दी से निकल जाए। अगर रेन वाॅटर को सीवरेज लाइन में छोड़ा गया तो यह ब्लॉक हो जाएगी। सीवर लाइनों में सुबह के समय काफी पानी होता है। उसी समय अगर बरसात का पानी भी इसमें चला गया तो सीवर लाइनों की क्षमता कम होने से यह ब्लाॅक हाे जाएंगी। ऐसे में सीवरेज बैक मारेगा। इसलिए रेन वाॅटर के लिए अलग से लाइन होनी चाहिए। हरेक प्लांड सिटी में ऐसा ही होता है। -आर के मित्तल, रिटायर्ड ईओ

    पिछले साल भी 7 दिन ब्लॉक रहा था सीवर सिस्टम...

    शिवालिक विहार का सीवरेज पिछले साल 7 दिन तक ब्लाॅक रहा था। जिससे यहां हजारों परिवारों ने नर्क की जिंदगी जी। पभात से बारिश के पानी की लाइन को हमारी कॉलोनी की सीवर लाइन में जोड़े जाने की तैयारी थी। इसलिए हमने ईओ को यहां बुलाया। जिसके बाद लोगों ने उनकी गाड़ी घेरी। यहां अभी 2 दिन पहले बंद पड़ी सीवर लाइन अपने खर्च पर खोली है। -पवन नेहरु

    15 साल में 5 परसेंट काम भी नहीं हुआ... एमसी ने पिछले 15 साल में शहरभर में बरसात का पानी निकालने के लिए 5 प्रतिशत भी काम नहीं किया। इसलिए बारिश में यहां हर ओर जलभराव होता है। जीरकपुर शहर का पानी सड़कों से होकर नालों में जाता है। अगर यहां रेन वाॅटर के लिए काम नहीं किया गया तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान करोड़ों की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम को होगा।

    रेन वाॅटर की लाइन डालने का काम हो रहा था। उसे सीवरेज लाइन में नहीं डाला जाएगा। इसके लिए अलग से लाइन बनेगी। काम रोक दिया है।

    -मनवीर सिंह गिल, ईओ एमसी जीरकपुर

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