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जीरकपुर के दो किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर में 56 स्ट्रीट लाइट्स के पोल पर लगी तारें खराब, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

चंडीगढ़-अंबाला रोड पर 2 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर पर लगी 56 स्ट्रीट लाइट्स की मेंटेनेंस न होने से वह बंद पड़ी हैं। इस...

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 02:15 AM IST
चंडीगढ़-अंबाला रोड पर 2 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर पर लगी 56 स्ट्रीट लाइट्स की मेंटेनेंस न होने से वह बंद पड़ी हैं। इस कारण यहां रात को हादसा होने की पूरी संभावना है। एनएचएआई को यह बात पता है कि फ्लाईओवर पर सैकड़ों एक्सिडेंट हो चुके हैं।

फ्लाईओवर पर कुल 87 पोल्स हैं। इनमें से 56 की तारें निकली हुई हैं। कई पोल्स गायब हैं। एक्सिडेंट के बाद गिरे पोल्स दोबारा नहीं लगाए गए। तारें टूटने और पोल गिरने से करीब 30 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट्स रात को जलती ही नहीं हैं। यहां जब भी एक्सिडेंट में स्ट्रीट लाइट्स के पोल गिरे हैं, उनको दौबरा नहीं लगाया गया है। पिछले 3 साल से यहां टूटे हुए पोल्स की जगह भी खाली पड़ी हुई है। यहां रात के समय सभी स्ट्रीट लाइट्स जलनी चाहिए। एक्सिडेंट में यहां कई पोल गिर गए हैं। उनकी जगह खाली पड़ी है। जब टोल शुल्क लिया जाता है, तो हाईवे पर किसी भी तरह की परेशानी भी पब्लिक को नहीं होनी चाहिए। एनएचएआई को इनकी मेंटेनेंस का ध्यान देना चाहिए।

यहां के स्थानीय दुकानदार सुरेश सिंगला ने कहा कि मैं यहां रात के समय कई बार गुजरा हूं। यहां कई स्ट्रीट लाइट्स बंद मिलती हैं। कुछ जगह तो तारों के गुच्छे ही बचे हैं। एक्सिडेंट के बाद अगर कोई व्यक्ति इन तारों से टकराया, तो उसे करंट लग सकता है।

वहीं, एक और कारोबारी दीपक बंसल ने बताया कि फ्लाईओवर पर लाइट्स हर जगह होनी चाहिए। यहां गाड़ियां स्पीड से चलती हैं। इसलिए, अगर कहीं पर अंधेरे के कारण गाड़ी कंट्राेल से बाहर हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। जिसे प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। वरना यहां पर हालात और खराब हो सकते हैं।