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जीरकपुर में लोगों ने कहा- नहीं बनना चाहते एमसी का हिस्सा, नहीं मिलता पानी

नगला गांव में पिछले तीन दिन से पानी नहीं मिल रहा है। ट्यूबवेल बंद पड़ा है। इससे यहां के सैकड़ों परिवार गर्मी के इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 20, 2018, 02:15 AM IST

जीरकपुर में लोगों ने कहा- नहीं बनना चाहते एमसी का हिस्सा, नहीं मिलता पानी
नगला गांव में पिछले तीन दिन से पानी नहीं मिल रहा है। ट्यूबवेल बंद पड़ा है। इससे यहां के सैकड़ों परिवार गर्मी के इस मौसम में पानी के बिना तड़प रहे हैं। जिस घर में किसी ने निजी बोर किया है। लोग उस घर से वहां से पानी ढो रहे हैं। लेकिन, बिना पानी के कितने दिन इस तरह से रहा जा सकता है। लोगांे को पानी न मिलने की असली वजह जीरकपुर नगर परिषद है। नगला को करीब डेढ़ साल पहले ही जीरकपुर एमसी में शामिल किया गया था। उससे पहले यह गांव एमसी से बाहर था।

क्यों नहीं मिल रहा पानी: नगला काे पानी देने के लिए यहां पब्लिक हेल्थ विभाग का टयूबवेल लगा है। जब यह गांव एमसी में शामिल नहीं था, तब लोगों को पानी पूरा मिल रहा था। पब्लिक हेल्थ विभाग यहां पानी देने के लिए ट्यूबवेल पर आॅपरेटर रखता था। अगर ट्यूबवेल खराब हो गया तो उसकी मेंटनेंस करता था। उसके बाद यह गांव एमसी में जोड़ दिया गया, जिससे इसके बाद पानी देने का काम एमसी को करना था। कुछ महीने पब्लिक हेल्थ विभाग ने यहां अपना ऑपरेटर रखकर लोगों को पानी दिया। लेकिन, तीन-चार महीने के बाद विभाग ने अपना आॅपरेटर यहां से हटा दिया। लिहाजा, जब यह क्षेत्र एमसी में शामिल हो गया है, तो इसका पानी देने की व्यवस्था एमसी को ही करनी है, पर एमसी ने कागजों में तो इस गांव को शामिल किया है, लेकिन यहां पानी देने से हाथ पीछे खींच दिए हैं।

एमसी के अधिकारी कई महीनों से लगातार यह कह रहे हैं कि अभी यह ट्यूबवेल हैंडओवर नहीं किया गया है। इसी तरह बातों में करीब एक साल बीत चुका है। अब ट्यूबवेल का बिल भीी करीब 3 लाख से उपर आ चुका है। जिस वजह से पावरकाॅम कभी भी यहां कनेक्शन काट सकते हैं। इससे पहले यहां गांव के लोग ही एक व्यक्ति को तैनात कर पानी चलाने का काम खुद कर रहे थे, जिससे ट्यूबवेल की मोटर जल गई। अब न तो एमसी और न ही पब्लिक हेल्थ विभाग इसको ठीक करवा रहे हैं। पब्लिक अब किसके पास जाए।

यहां के निवासी सुरिंदर सिंह ने बताया कि वह एमसी में शामिल नहीं होना चाहते है। एमसी में शामिल करने के बाद वह पानी के लिए तरस गए हैं और न तो सड़कें बन रही हैं। यहां यहां सफाई वाले आते हैं। यहां मात्र वोट्स के लिए लोगों को एमसी में शामिल करने का ड्रामा किया गया है।

गांवों के ज्यादातर लोग एमसी के डेवलपमेंट कार्यों से हुए परेशान

पिछले साल पंजाब सरकार ने फाइनल नोटिफिकेशन के बाद जीरकपुर नगर परिषद में चार नए गांवों नगला, सनौली, छत और पुडा को एमसी में शामिल किया गया था। लोगों को उम्मीद थी की इन गांवों को भी शहरों की तरह ही विकसित करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। लेकिन, लोग एमसी के डेवलपमेंट के कार्यों से परेशान हो रहे हैं। इन गावों को जीरकपुर नगर परिषद का हिस्सा बनाने के लिए पहले ड्राफ्ट नोटिफिकेशन सरकार के पास गई थी। उसके बाद लाेगों की राय और एतराज मांगे गए थे। सभी ओर से हां होने के बाद सोमवार को इन गावों को जीरकपुर एमसी का हिस्सा बनाने पर मुहर लगा दी गई है।

वहां पानी देने का काम पब्लिक हेल्थ विभाग कर रहा है। अगर कहीं कोई परेशानी हुई है, तो यहां की एमसी पानी देने का काम करेगी।

-कुलविंदर सोही, एमसी प्रधान जीरकपुर

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