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ढकौली चौकी को अपग्रेड कर थाना तो बनाया, पर नहीं बढ़ाए मुलाजिम

ढकौली पुलिस चौकी को थाने में अपग्रेड करने के बाद पुलिस विभाग यहां मुलाजिमों को बढ़ाना भूल गया है। आलम यह है कि यहां...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 07, 2018, 02:20 AM IST

ढकौली चौकी को अपग्रेड कर थाना तो बनाया, पर नहीं बढ़ाए मुलाजिम
ढकौली पुलिस चौकी को थाने में अपग्रेड करने के बाद पुलिस विभाग यहां मुलाजिमों को बढ़ाना भूल गया है। आलम यह है कि यहां अब भी उतने की मुलाजिम ड्यूटी कर रहे हैं जितने कि चौकी रहते तैनात थे। सिर्फ कागजों में ही ढकौली चौकी को थाना बनाया गया है। इसका पब्लिक को कोई फायदा नहीं हुआ है। यह एरिया पंचकूला से सटा है। कुछ जगहों पर पक्के नाके लगाने की जरूरत है। मुलाजिमों की कमी से ये नाके भी नहीं लग रहे हैं।

मुलाजिम के अलावा कई काम होने बाकी: हरेक पुलिस स्टेशन में हवालात होती है। किसी भी क्रिमिनल को पकड़ने के बाद हवालात में रखने के लिए ढकौली पुलिस स्टेशन के पास हवालात नहीं है। अब इस बिल्डिंग में कुछ रेनोवेशन का काम हो रहा है। हवालात के अलावा यहां आईओ के लिए अलग से किसी आरोपी से पूछताछ के लिए भी कमरा नहीं है। कुल चार कमरों के इस पुलिस स्टेशन में जगह की भी बेहद कमी है। इसको थाना बनाने के बाद जितने स्टाफ और इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। वह यहां नहीं है।

24 घटों के लिए है एक ही मुंशी : लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के लिए पुलिस मुलाजिमों की इस कदर कमी है कि अगर कहीं कोई वारदात हो गई तो 5 पुलिस कर्मी एक साथ वहां चले गए तो पीछे पुलिस स्टेशन में एकाध ही मुलाजिम बाकी रह जाएगा। करीब एक लाख आबादी वाले ढकौली, पीरमुछल्ला, गाजीपुर, किशनपुरा एरिया के लोगों को पुलिस सुरक्षा देने के लिए चौकी से थाने में अपग्रेड किया तो गया, पर इसका फायदा अभी पब्लिक को नहीं हो रहा है।

लोग बोले- क्यों बनाया थाना जब स्टाफ नहीं बढ़ाना था

स्थानीय निवासी विक्रम सिंह ने कहा कि थाना बनने के बाद यहां पुलिस सुरक्षा बढ़नी चाहिए। रोजाना कोई न कोई वारदात होती है। शहर में कई जगह पर पुलिस के नाके लगे हों और पुलिस मुलाजिमों की कमी न हो तो इसका फायदा पब्लिक को ही होगा। तभी लोग बेखौफ चेन की नींद सो सकेंगे। लेकिन यहां स्टाफ न होने से यहां अब भी चौकी जैसे ही हालात हैं।

ढकौली के रहने वाले संजीव ने कहा कि यहां अब थाना बन चुका है। इसलिए इस एरिया में दिन और रात में कुछ जगहों पर पक्के नाके लगाए जाने चाहिए। इससे पब्लिक खुद को सुरक्षित समझेगी। यहां एक नाके पर अगर चार पुलिस कर्मी तैनात कर दिए तो एरिया के दूसरे हिस्से में कोई संभालने वाला नहीं है।

19 कर्मचारियों की जरूरत...इस नए बनाए गए थाने में 5 एसएआई और एएसआई रैंक के पुलिस अधिकारी, 10 हवलदार, 4 मुंशी, इनमें रिकार्ड मुंशी, हेड मुंशी, नाइट मुंशी और एक एक्ट्रा मुंशी तैनात होगा। ये सब इसलिए तैनात किए जाएंगे कि अब तक यहां जो भी एफआईआर दर्ज होती थी। उसके लिए जीरकपुर थाने जाना पड़ता था। अब ढकौली में ही एफआईआर दर्ज होगी। लेकिन एक मुंशी की प्रमोशन होने के बाद एक ही यहां बचा है जो रातदिन काम कर रहा है।

स्टाफ बढ़ाने के लिए अफसरों से कहा

यहां थाने की बिल्डिंग हम अपनी ओर से लॉ एंड आर्डर से मेंटेन कर रहे हैं। थाने के लिए स्टाफ को बढ़ाने के लिए डिपार्टमेंट के बड़े अफसरों से कहा गया है। -एसएचओ जगजीत सिंह, ढकौली पुलिस स्टेशन

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