• Hindi News
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • Zirakpur
  • इम्पीरियल गार्डन बिल्डिंग गिरने के बाद एफआईआर तो हुई, पर ढाई महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं
--Advertisement--

इम्पीरियल गार्डन बिल्डिंग गिरने के बाद एफआईआर तो हुई, पर ढाई महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं

Zirakpur News - पीरमुछल्ला के इम्पीरियल गार्डन की चार मंजिला बिल्डिंग 12 अप्रैल को गिर जाने के बाद पुलिस ने इसके मालिकों के खिलाफ...

Dainik Bhaskar

Jun 25, 2018, 03:20 AM IST
इम्पीरियल गार्डन बिल्डिंग गिरने के बाद एफआईआर तो हुई, पर ढाई महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं
पीरमुछल्ला के इम्पीरियल गार्डन की चार मंजिला बिल्डिंग 12 अप्रैल को गिर जाने के बाद पुलिस ने इसके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर दर्ज होने के बाद लोकल बॉडीज मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मौके पर आए और उन्होंने इस इमारत के मालिकों के खिलाफ कई पुख्ता दस्तावेज वहां मौजूद एसएसपी कुलदीप सिंह चहल को दिए थे। लेकिन, ढाई महीने गुजर जाने के बावजूद एफआईआर से आगे कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। न ही किसी मालिक को गिरफ्तार किया गया है और न ही आगे कार्रवाई हुई है।

सिद्धू द्वारा दिए गए दस्तावेज भी इम्पीरियल गार्डन के मालिकों की गिरफ्तारी के लिए न काफी साबित हो रहे हैं। जिससे साफ है कि सिद्धू ने जो दस्तावेज एसएसपी को दिए थे, उनमें भी पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कोई बड़ी मदद नहीं मिल पाई है। जिन लोगों के पैसे लगे हैं वो भी परेशान दिखाई दे रहे हैं। साथ ही जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में मकान खरीदे हैं वो भी अपने फ्लैट्स को लेकर भयभीत व चिंतित हैं।

इस इमारत के गिरने के बाद पूरा पुलिस प्रशासन मौके पर रही और एसडीएम डेराबस्सी को इस मामले की जांच करने के लिए कहा गया। जांच में साफ हुआ कि नगर काउंसिल की परमिशन के बिना और जांच किए बिना ही पूरा काम लापरवाही से किया जा रहा था। जो नक्शे पास करवाए गए थे, वो सिर्फ मकान के थे। उनकी जगह इमारतें बनाई जा रही थी और इन नक्शों की अवधी भी पूरी हो गई थी। न तो नक्शे रिन्यू करवाए गए और न ही इसकी जानकारी किसी नगर काउंसिल के अधिकारी को दी गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर नवजोत सिद्धू ने कई दस्तावेजी सबूत कार्रवाई के लिए दिए थे।

9 परिषद कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई: इमारत के गिरने को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में जीरकपुर नगर परिषद के सुपरिटेडेंट बलविंदर सिंह, जेई राजीव कुमार तथा अनिल कुमार को बर्खास्त कर दिया गया था। जबकि ईओ एस के ग्रेवाल, तथा मौजूदा ईओ मनवीर सिंह गिल, एक्सईन कुलदीप वर्मा ,एएमई सुखविंदर सिंह, एमई गुरप्रताप सिंह को शो कॉज नोटिस जारी किया गया था। उनसे पूछा गया था कि उन पर क्यों न कार्रवाई की जाए।


इन मालिकों पर हुआ था केस दर्ज बिल्डर मनदीप सिंह, पवन गोयल, पुष्पिंदर, संजीव, ओपी सिंगला, सुरेश सिंगला, पवन गोयल, विनोद, अमित और ठेकेदार सुनील के खिलाफ 420 धोखाधड़ी, 336, 337 288,120बी और 427 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इन सभी ने मिलकर इम्पीरियल गार्डन सोसायटी बनाई है। डीएसपी जीपी सिंह ने बताया अभी इस मामले में कई और लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

चौकी व परिषद में तालमेल की कमी

नगर परिषद की ओर से जो कागजात इस मामले को लेकर ढकोली पुलिस स्टेशन को दिए जाने हैं, वो नहीं मिल रहे हैं। यह कहना है ढकोली के इंचार्ज जगजीत सिंह का। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के ईओ को रिकाॅर्ड से संबंधित पत्र लिखे गए हैं, लेकिन न तो जवाब आया है और न ही कोई सहयोग मिल रहा है। वहीं, ईओ मनवीर सिंह गिल ने बताया है कि सभी दस्तावेज पहले ही दे दिए गए हैं। जो मांगे जा रहे हैं वो मुहैया करवाए जा रहे हैं। लेकिन, कार्रवाई पुलिस ने करनी है।

X
इम्पीरियल गार्डन बिल्डिंग गिरने के बाद एफआईआर तो हुई, पर ढाई महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..