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म्युनिसिपल काॅर्पोरेशन बनने की राह पर जीरकपुर नगर परिषद

पंजाब की नंबर एक म्युिनसिपल काउंसिल का दर्जा रखने वाली जीरकपुर नगर परिषद अब काॅपोर्रेशन बनने की राह पर है।...

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 03:25 AM IST
पंजाब की नंबर एक म्युिनसिपल काउंसिल का दर्जा रखने वाली जीरकपुर नगर परिषद अब काॅपोर्रेशन बनने की राह पर है। ट्राइसिटी के साथ यह चाैथा शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीरकपुर नगर परिषद का सालाना बजट भी पंजाब की कई काॅर्पोरेशन से ज्यादा पास किया जाता है। जनसंख्या का आंकड़ा हो या फिर आमदनी, कई मामलों में यह नगर परिषद पंजाब की कई नगर निगमों को पीछे छोड़ रही है। मोगा और कई अन्य नगर निगम जीरकपुर नगर परिषद से कम बजट पास करती हैं। लोकल बॉडीज के डायरेक्टर करुणेश शर्मा भी मानते हैं कि जीरकपुर बड़ा शहर बन गया है। उन्हांेने कहा कि सरकार समय समय पर इस तरह के बदलाव लाती है और लाएगी। हमारे पास जीरकपुर को कॉर्पोरेशन बनाने की मांग आई तो जरूर इस पर काम होगा। इसकी आबादी की रफ्तार का अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां की सब तहसील में रोजाना 30 से 35 मकान या फ्लैट्स की रिजस्ट्री होती है। हर महीने यहां एक हजार नए परिवार आ रहे हैं। इतनी तेजी से पंजाब का दूसरा कोई शहर आगे नहीं बढ़ा है, इसलिए अब यहां तेजी से डेवलपमेंट वर्क पूरा करने के लिए पंजाब सरकार को यहां की नगर परिषद को अपग्रेड कर काॅर्पोरेशन बनाने की जरूरत है ताकि यहां आईएएस स्तर का अधिकारी शहर की ग्रोथ के अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर दे सके।

10 सालों में शहर ने सरकार को दिया 500 करोड़ से ज्यादा राजस्व

जीरकपुर नगर परिषद की आमदनी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पंजाब की कई नगर परिषदें और काॅर्पोरेशंस अपने ही कर्मचारियों की सैलरी तक जेनरेट करने में नाकाम रही हैं, वहीं जीरकपुर एमसी की साल दर साल कमाई करोड़ों में रही। साल 2007 से अगर हम इसका आंकड़ा देखें तो यहां 2007-08 में 17 करोड़ से 21 लाख से ज्यादा का राजज्व नक्शा फीस व अन्य स्रोतों से हासिल हुअा। इसी तरह हर साल करोड़ाें रुपए यहां डेवलपमंेट वर्क पर लगाने के लिए राज्य सरकार से पैसे की डिमांड तक नहीं करनी पड़ी। साल 2008-09 में 15 करोड़ से ज्यादा, 2009-10 में 17 करोड़, 2010-11 में 25 करोड़, 2011- 12 में 49 करोड़ , 2012-13 मंे 51 करोड़, 2013-14 में 66 करोड़, 2014-15 में 49 करोड़, 2015-16 में 44 करोड़, 2016- 17 में 55 करोड़ व 2017-18 में 55 करोड़ की आमदनी जीरकपुर एमसी ने की। इसी तरह हर साल शहर की डेवलपमेंट पर खर्च भी किया गया।



-संदीप कुमार, आर्किटेक्ट, सिल्वर सिटी



-कुलविंदर सोही, एमसी प्रधान जीरकपुर


-करुणेश शर्मा, डायरेक्टर लोकल बाडीज पंजाब