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लोकल ट्रैफिक के लिए बनी सर्विस लेन पर ट्रकों का कब्जा

जीरकपुर शहर को गेटवे ऑफ पंजाब कहा जाता है। उसकी असली तस्वीर यहां चंडीगढ़ की एंट्री से ही देखने से पता चलता है कि यह...

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 03:30 AM IST
जीरकपुर शहर को गेटवे ऑफ पंजाब कहा जाता है। उसकी असली तस्वीर यहां चंडीगढ़ की एंट्री से ही देखने से पता चलता है कि यह किस तरह का गेटवे है। चंडीगढ़ से जीरकपुर में एंट्री करते हैं तो बोर्ड लगा है वेलकम टू पंजाब। यहां वेलकम करने के लिए साफ-सुथरी सड़कें व सर्विस लेन आपको नजर नहीं आएंगी। नजर आएंगे तो बड़े-बड़े ट्रक। जो सड़क के अलावा सर्विस लेन की जगह पर भी कब्जा जमा कर बैठे हैं। लेकिन ट्रैफिक पुलिस को परवाह नहीं है की इससे ट्रैफिक जाम लगे, किसी की जान चली जाए या कुछ और। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कई बार इस मामले में संज्ञान लेकर आदेश दे चुकी है कि हाईवे पर किसी तरह से ट्रैफिक को बाधा न पहुंचे। जो भी कारण ट्रैफिक में रुकावट के बनते हैं उनको दूर किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।


चंडीगढ़ बैरियर और इसके पास बनी मोदीकुंज सोसाइटी के लेागों को लग रहा है कि वे यहां आकर सबसे बड़ी गलती कर गए हैं। चंडीगढ़-अम्बाला मुख्य सड़क के नजदीक पभात स्थित मोदीकुंज सोसाइटी के निवासी मेन रोड पर खड़े ट्रकों से परेशान हैं। उनको काॅलोनी में जाने को कोई रास्ता नहीं मिलता।

कई बार जाम में फंसा हूं

यहां सर्विस लेन हर समय ट्रकाें से भरी रहती है। कई बार यहां जाम में फंसा हूं। कोई सिस्टम नहीं है। अब तो पब्लिक ने संबंधित अधिकारियों से भी उम्मीदें छोड़ दी हैं। चंडीगढ़ से जीरकपुर में एंट्री करते ही आपको सर्विस लेन ट्रकों से भरी मिलेगी। यहां कोई भी आकर देख सकता है लेकिन ट्रैफिक पुलिस को ही यह सब नजर नहीं आता। -जगतार सिंह, जीरकपुर निवासी

हाईवे पर किसी तरह से भी ट्रैफिक में रुकावट करने वालों पर पुलिस कार्रवाई करती है। कई लोगों पर केस भी किए गए हैं।

-हरमनदीप, एएसपी जीरकपुर