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दवा दुकान के लिए ऑनलाइन मिलेगा लाइसेंस, स्वास्थ्य मंत्री ने की शुरुआत

3 वर्ष पहले
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पटना. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि दवा दुकान खोलने के लिए अब 23 दिनों में लाइसेंस मिल जाएगा। शुक्रवार से लाइसेंस देने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में इसकी शुरुआत की। पहले दिन छह दवा दुकानदारों को लाइसेंस दिया गया। लाइसेंस के साथ कई अन्य जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।

 

- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी ऑनलाइन करने की व्यवस्था की गई है। इसस औे षधि नियत्रं ण प्रशासन के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। लाइसेंस लेने के लिए बार-बार विभाग में आने की जरूरत नहीं होगी। कोई त्रुटि होने पर भी अधिक से अधिक 30 दिनों के अंदर आवेदन पर समुचित निर्णय लेना होगा।

- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाओं के सैंपल की जांच के लिए प्रयोगशाला को आवश्यक उपकरणों व मैनपावर स सु े दृढ़ किया जा रहा है। मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक लोकेश कुमार सिंह, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक डॉ. करुणा कुमारी, राज्य औषधि नियंत्रक रवींद्र कुमार सिन्हा आदि मौजूद थ।

 

लॉन्च होगा दर्पण एप

- स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि इस व्यवस्था में ड्रग एक्ट की सारी बारीकियों को समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि अथक प्रयास के बाद दवा दुकान के लिए लाइसेंस देने की व्यवस्था ऑनलाइन करने में सफलता मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पारदर्शिता के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं लोगों को मिल सकें। अस्पतालों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दर्पण नामक एप भी जल्द जारी किया जाएगा। ड्रग इंसपेक्टरों को लैपटॉप दिया जाएगा जिससे वे जब किसी दुकान में जांच करने जाएं तो उसकी रिपोर्ट वहीं पर तैयार कर डाल दें। इससे विभाग को भी जानकारी मिले कि वे कहां पर छापेमारी करने गए थे और उन्हें वहां क्या मिला। उन्होंने कहा कि एएनएम और जीएनएम कोर्स के लिए आवेदन भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

 

 

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