हेल्थ डिपार्टमेंट के बेहद लचर बंदोबस्त से मरीज जीएं या मरें

Panchkula Bhaskar News - पिछले पांच साल में पंचकूला के जनरल अस्पताल की गिनती हरियाणा के नंबर-1 अस्पताल में होती थी। अब यहां पर अधिकारियों की...

Nov 10, 2019, 07:35 AM IST
पिछले पांच साल में पंचकूला के जनरल अस्पताल की गिनती हरियाणा के नंबर-1 अस्पताल में होती थी। अब यहां पर अधिकारियों की लापरवाही और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को इस कदर इग्नोर किया जा रहा है कि उन्हें मरीज जीये या मरे इसकी फिक्र तक नहीं है। हालत देखकर अब लोग भी यहीं कहने लगे हैं कि अस्पताल सिर्फ राम भरोसे है। जी हां, पंचकूला में हेल्थ डिपार्टमेंट की अोर से एक के बाद एक लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।

शनिवार को भी हेल्थ डिपार्टमेंट की लापरवाही से 7 महीने की प्रेग्नेंट महिला एंबुलेंस में फोर्थ क्लास कर्मचारी के साथ पीजीआई चंडीगढ़ पहुंची। सड़क हादसे में घायल प्रेग्नेंट महिला को ब्रेन डेड भी बताया गया। इसके अलावा गर्भ में पल रहे बच्चे का भी कुछ नहीं पता। अब घायल महिला पीजीआई में एडमिट है और जच्चा-बच्चा दोनों को बचाने के लिए पीजीआई में डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।

सिविल सर्जन पंचकूला का वही घिसापीटा जवाब: सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा को बताया गया कि एक 7 महीने की प्रेग्नेंट लेडी एक्सीडेंट में घायल हो गई थी। क्रिटिकल कंडीशन में पहले एंबुलेंस नहीं मिली, उसके बाद जब मिली तो एंबुलेंस के साथ जाने वाला बहुत जरूरी इएमटी ही नहीं था।

इस पर सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा का हर बार की तरह वही घिसापीटा जवाब था...मुझे तो अभी तक इस बारे में पता ही नहीं। देखते है इसमें इएमटी की अवेलेब्लिटी थी या नहीं। इसमें एमओ और बाकि डॉक्टरों से बात की जाएगी कि इस तरह की लापरवाही न की जाए। यहां सभी जिम्मेदारों को निर्देश दे रखे हैं कि ऐसी स्थिति में किसी भी मरीज को किसी तरह की दिक्कत न आने दी जाए। इसका ध्यान भविष्य में भी रखा जाए

बरवाला के नजदीक एक्टिवा सवार मीनू देवी सड़क हादसे में घायल

ये हालात एंबुलेंस के... पंचकूला जनरल अस्पताल में कुल 4 एंबुलेंस लगाई गई है। इनमें एक नई बीएलएस एंबुलेंस पर ड्राइवर ही नहीं है। जबकि, दूसरी एंबुलेंस टैक्निकली फॉल्ट के कारण ठीक होने के लिए एजेंसी गई थी। यहां 2 ही एंबुलेंस चल रही थी और जब हादसे में घायल महिला को रैफर किया था, जब दोनों ही एंबुलेंस यहां नहीं थी। एक एंबुलेंस दो मरीजों को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ और जीएमसीएच-32 गई हुई थी, जबकि दूसरी पेशेंट को पीजीआई छोड्कर वापिस आ रही थी। इस बीच जब एजेंसी से ठीक होकर एंबुलेंस इमरजेंसी में पहुंची तो महिला को उसी एंबुलेंस में पीजीआई ले जाया गया, जिसमें किसी इएमटी काे भी नहीं भेजा गया।

पहले एंबुलेंस नहीं मिली, बाद में ईएमटी भी नहीं गया साथ, फोर्थ क्लास कर्मचारी ने छोड़ा पीजीआई:

बरवाला के पास एक्टिवा पर सवार मीनू देवी सड़क हादसे में घायल हो गई। उसके साथ उनका रिलेटिव और छोटा बच्चा भी था। हादसे में मीनू देवी को सबसे ज्यादा चोट आई है। मीनू देवी 7 महीने की गर्भवती है। जब मीनू को इलाज के लिए जनरल अस्पताल लाए तो उसका सिर्फ पल्स और हार्ट बीट चल रही थी, इसके अलावा न तो वो कुछ बोल रही थी और न ही कोई मूवमेंट थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया। अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस भी नहीं थी, मरीजों को 20 मीनट इंतजार करने के लिए बोला गया। काफी देर बाद एक एंबुलेंस इमरजेंसी के बाहर पहुंची, जिससे महिला को पीजीआई भेजा गया, इसमें इएमटी नहीं था। इस कारण क्लास फोर कर्मचारी खुद एेंबू देता हुआ मरीज को पीजीआई ले गया।

डायरेक्टर हेल्थ, हरियाणा बोले- अधिकारी किए जाएंगे तलब: डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसिज, हरियाणा डॉ. सूरजभान कंबोज ने बताया कि अगर पंचकूला में ऐसे क्रिटिकल पेशेंट के साथ लापरवाही हुई है तो उसमें पंचकूला हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों को तलब किया जाएगा। मरीजों के साथ इलाज में बिल्कुल भी कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। इस बारे में सिविल सर्जन से पूरे मामले की डिटेल ली जाएगी और उस आधार पर जो कार्रवाई बनती होगी वो करेंगे।

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