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नगर निकाय के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 8वें दिन भी जारी, CM के साथ आज बैठक में सहमति के आसार

3 वर्ष पहले
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पानीपत। हरियाणा में नगर पालिकाओं के हड़ताली कर्मचारियों का धरना 8वें दिन भी जारी रहा। हड़ताल को खत्म करवाने के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई कर्मचारियों की लंबी बातचीत असफल रही। कर्मचारियों नेताओं का कहना है कि हड़ताल जारी रहेगी। इस बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, मनीष ग्रोवर, विभाग के प्रधान सचिव और निदेशक के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं कर्मचारियों की तरफ से पालिका कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। 

 

- बता दें कि सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।

- विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास कर रहा है। 
 

 

शहरों में अभी भी लगे कूड़े के ढेर
- 7 दिन बीत जाने के बाद शहरों में कूड़े के ढेर ज्यों के त्यों लगे हुए हैं। धरना दे रहे सफाई कर्मचारी निजी कर्मचारियों को भी सफाई नहीं करने दे रहे। 
- हरियाणा में हर रोज 10 हजार टन कचरा निकलता है। 
- प्रदेश भर से हररोज 10 हजार टन कचरा निकलता है। यह कचरा प्रदेश के 87 शहरों से एकत्रित किया जाता है। इसमें प्रदेश की 61 नगरपालिका, 16 नगर परिषद और 10 नगर निगम शामिल हैं। 
- सरकार और कर्मचारियों के बीच आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी भी नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम में सफाई कर्मचारी कूड़ा उठान के लिए नहीं जा रहे हैं। 
- इसके अलावा सभी प्रकार की पेंशन बनाने, टैक्स इकट्ठा करने, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत किए जाने, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के काम नहीं हो सके। हालांकि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति और अग्निशमन सेवाएं जारी हैं। 
 

 

एस्मा की चेतावनी पर भी नहीं खत्म हुई हड़ताल
- हड़ताल से निपटने को दी गई एस्मा लगाने की चेतावनी का असर नहीं हुआ। प्रदेश के 4 से 5 शहरों में ही निजी एजेंसी के कर्मचारी थोड़ा-बहुत कचरा उठा पा रहे हैं, वह भी पुलिस बल साथ होने के बाद, क्योंकि हड़ताली कर्मचारी मौके पर पहुंचकर विरोध करते हैं।
 

 

ये हैं सफाई कर्मचारियों की मांगे
- पालिका कर्मियों से की गई ठेका प्रथा समाप्त की जाए।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन देने और 15 हजार न्यूनतम वेतनमान दिया जाए।

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