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7वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी, हररोज निकल रहा 10 हजार टन कचरा

3 वर्ष पहले
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पानीपत। हरियाणा में नगर पालिकाओं के हड़ताली कर्मचारियों का धरना 7वें दिन भी जारी है। इसके चलते शहरों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। पूरे प्रदेश में हररोज 10 हजार टन कूड़ा निकल रहा है। धरना दे रहे सफाई कर्मचारी निजी कर्मचारियों को भी सफाई नहीं करने दे रहे हैं। वहीं सोमवार को दिल्ली के हरियाणा निवास पर हुई सरकारी अफसरों व सफाई कर्मचारियों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद कर्मचारियों ने इस हड़ताल को 17 मई तक बढ़ा दिया। मंगलवार को सीएम के विदेश यात्रा से लौट आने के बाद इस मामले पर सफाई कर्मचारियों से सहमति बनने के आसार हैं। 87 शहरों से इकट्ठा किया जाता है कचरा...

 

 

- हरियाणा में हर रोज 10 हजार टन कचरा निकलता है। 
- यह कचरा प्रदेश के 87 शहरों से एकत्रित क्या जाता है। इसमें प्रदेश की 61 नगरपालिका, 16 नगर परिषद और 10 नगर निगम शामिल हैं। 
- सरकार और कर्मचारियों के बीच आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी भी नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम में सफाई कर्मचारी कूड़ा उठान के लिए नहीं जा रहे हैं। 
- ऐसे में गली चौराहों व बुकड़ पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। 
- इसके अलावा सभी प्रकार की पेंशन बनाने, टैक्स इकट्ठा करने, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत किए जाने, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के काम नहीं हो सके। हालांकि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति और अग्निशमन सेवाएं जारी हैं। 
 

 

एस्मा लगाने का भी है विरोध
- हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों पर सरकार द्वारा एस्मा लगा देने का भी विरोध हो रहा है। इसके चलते कर्मचारी सरकार का पूतला फूंक रहे हैं।
- वहीं 15 मई को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले जिला मुख्यालयों पर अन्य महकमों के कर्मचारी भी प्रदर्शन कर रहे हैं। 
- 16 मई से नगर पालिका कर्मचारी सभी मंत्रियों व विधायकों के आवासों पर प्रदर्शन शुरू करेंगे। 
 

 

ये हैं सफाई कर्मचारियों की मांगे
- पालिका कर्मियों से की गई ठेका प्रथा समाप्त की जाए।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन देने और 15 हजार न्यूनतम वेतनमान दिया जाए।

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