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डाउनलोड करेंरोहतक। प्रदेशभर के स्थानीय निकाय के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। शुक्रवार को रोहतक में कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन का पूतला फूंका। कर्मचारी सरकार के सामने बिल्कुल भी झुकने को तैयार नहीं है, वहीं शहरों में सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए आम जनता व कुछ सामाजिक संस्थाओं ने जिम्मा संभाला है। बता दें कि प्रदेशभर के नगर निकाय कर्मचारी 9 मई से हड़ताल पर हैं। कल से भाजपा नेताओं के घरों पर होगा प्रदर्शन...
- कर्मचारी नेताओं ने निर्णय लिया है कि शनिवार से भाजपा नेताओं के घरों पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद से वाल्मीकि बस्ती से लेकर समाज के हर व्यक्ति को इस न्याय युद्ध के लिए सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक स्तर पर समर्थन मांगा जाएगा।
कर्मचारियों को पक्का नहीं कर सकते, इसमें हाईकोर्ट का स्टे है : कविता जैन
सवाल : प्रदेश में सफाई के हालात बिगड़े हैं, क्या किया जाएगा?
जवाब : सफाई कर्मचारियों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं, जल्द ही इनकी मांगें पूरी होनी है, जहां कूड़े के ढेर लग चुके हैं, उनके लिए समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से सफाई अभियान चलाएंगे और सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे।
सवाल : कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या किया जा रहा है?
जवाब : इनकी मांगें मान ली हैं। समान काम-समान वेतन के लिए कमेटी बनाकर तय कर देगी कि बेसिक वेतन कितना हो, यह तय करेंगे। ठेके पर कहा कि जहां खत्म होगा, उसे आगे बढ़ाया नहीं जाएगा।
सवाल : कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने पर क्या विचार है?
जवाब : कर्मचारियों को पक्का नहीं कर सकते, इसमें हाईकोर्ट का स्टे हैं।
सवाल : न्यूनतम वेतन 15 हजार दिया जाएगा?
जवाब : प्रदेश के कई जिलों में तो पहले से 13 से 14 हजार रुपए मिल रहे हैं। इसकी रिपोर्ट ली जा रही है। पंचकूला में डीसी रेट ही लिविंग स्टेंडर्ड के हिसाब से 14 हजार रुपए मिल रहे हैं। कुरुक्षेत्र में 13 हजार रुपए मिल रहे हैं।
सवाल : फायर ब्रिगेड कर्मचारी नई भर्ती विज्ञापन को रद्द की मांग कर रहे हैं?
जवाब : फायर ब्रिगेड का नया निदेशालय बन गया है, नए रूल के तहत वेटेज और छूट दे रहे हैं। फायर ब्रिगेड के भर्ती विज्ञापन में 232 चालक हैं, जिनके पास ट्रेनिंग नहीं है, उन्हें ट्रेनिंग दिलाएंगे। इसमें यदि समय लगेगा तो पदों को होल्ड कर लेंगे।
चार मुद्दों पर सहमति का इंतजार
1. ठेका प्रथा खत्म करना
नपा संघ को ऐतराज : सरकार ठेका खत्म करने के लिए तो कहती है, लेकिन सिर्फ सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों का ठेका खत्म करेंगे, जो सफाई कर्मचारी प्रोजेक्ट के तहत घर-घर से कचरा उठाते हैं, उनका ठेका खत्म नहीं करेंगे। ठेकेदारों का जैसे ठेका खत्म होगा, उसे आगे रिन्यू नहीं करेंगे। सरकार को चाहिए कि एकमुश्त ठेका खत्म करें।
2. कच्चे को पक्का करना
ऐतराज : सरकार की ओर से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने पर पूरी तरह से इनकार कर दिया है। प्रदेश के 10 हजार कर्मचारियों को पक्का करना था। इसे सरकार लागू करें।
3. न्यूनतम 15 हजार वेतन देना
ऐतराज : सरकार ने साढ़े 11 हजार रुपए वेतन देने की बात कही, जबकि पहले ही साढ़े 13 हजार रुपए सफाई कर्मचारी वेतन ले रहे हैं।
4. समान काम- समान वेतन
ऐतराज : समान काम-समान वेतन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक स्थानीय निकाय ने पत्र जारी कर दिया, लेकिन ये मिलेगा किसे इस पर कर्मचारी संशय में है। पूछने पर पता चला कि ये वेतनमान उनको मिलेगा जो पार्ट टू में विज्ञापन के बाद सुचारु भर्ती प्रक्रिया के तहत लगे हैं। 2014 में ठेके से हटाकर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने जो पेरोल पर किए थे, उन्हें भी नहीं मिलेगा, तो मिलेगा किसे।
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